मस्जिद अमन चैन मोहब्बत व इंसानियत का पैगाम देती हैं:सिद्दीक हसन
ओरमांझी। ओरमांझी के सांडी में मस्जिद ए नूरानी की पहली मंजिला छत ढलाई के मौके पर अंजुमन इस्लाहे मुस्लिमिन सांडी की निगरानी में सरकार ए मदीना कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। छत ढलाई व सरकार ए मदीना कॉन्फ्रेंस में आसपास क्षेत्र के काफी लोग शामिल हुए.और जोश को जज्बे के साथ छत ढलाई का काम मुकम्मल किया.छत ढलाई में पहले कढ़ाही की बोली भूसूर के इम्तियाज अंसारी ने 41हजार की रखी.जबकि दूसरी कढ़ाही की बोली सांडी के अलीम अंसारी ने 40 हजार की रखी,तीसरी कढ़ाही सांडी के हाजी अजमुदद्दीन ने 30 हजार की रखी,खुदिया के सूरज पठान ने चौथा कढ़ाही की बोली 25 हजार रखी,गुलाम मुस्तफा ने 11हजार की बोली की रखी. इसके अलावा लोगों ने बढ़-चढ़कर अल्लाह के राह में आर्थिक और शारीरिक तौर पर हिस्सा लिया,सरकार ए मदीना कॉन्फ्रेंस में महमाने खुशुशी के तौर पर हजरत मौलाना मोहम्मद सिद्दीक हसन उर्फ़ झारखंडी बाबा शामिल हुए.जिन्होंने मस्जिद बनाने की अहमियत बताते हुए कहा कि जो दुनिया में मस्जिद बनता हैं अल्लाह ताला उसका जन्नत में घर बनाता है. वहीं उन्होंने कहा की मस्जिद बनने से क्षेत्र में दीनदारी पैदा होती है. मस्जिद को तालीम का केंद्र बनाना चाहिए.मस्जिद अमन चैन शांति का संदेश देता है। इस अवसर पर मुख्य रूप से खुदिया मस्जिद के इमाम व खतीब हाफिज व कारी अब्दुल जलील साहब, निजामाबाद कुटे के इमाम व खतीब मोहम्मद असलम रजा,मौलाना जियाउल हक अजहरी,मौलाना मुफ्ती अब्दुल कुदुश मिस्बाही, कारी शाहबाज रजा, कारी मोहम्मद सिकंदर बरकाती,हाफिज गुलाम वारिस, कारी जफर इकबाल, कारी मोहम्मद आबिद हुसैन,कारी मोहम्मद अयूब रजा,मौलाना मोहम्मद इमरान रजा, कारी अब्दुल कुमोक़ददर, हाफिज अब्दुल जलील, मौलाना मोहम्मद नईम, मौलाना मोहम्मद अब्दुल कलाम, कमेटी के सर्वप्रतुस मोहम्मद गुलाम मुस्तफा अंसारी, सदर शरीफ अंसारी, सेक्रेटरी मकबूल अंसारी, खजांची अलीम अंसारी, पंचायत समिति सदस्य अमीर हम्ज़ा अंसारी,नाजिर खान,मंदरो के जाकिर हुसैन अंसारी, कमेटी के मेंबर सलीम अंसारी, शमीम अंसारी सफीक अंसारी अब्दुल्ला, अब्दुल जलील अंसारी क्षेत्र के अनेकों का गणमान्य लोग उपस्थित थे।
