राँची: झारखण्ड के सभी बीएलओ को वर्ष 2026 की वर्तमान मतदाता सूची के मौजूदा मतदाताओं का झारखण्ड की वर्ष 2003 की एसआईआर मतदाता सूची या अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की पिछली एसआईआर मतदाता सूची के साथ स्वयं (सेल्फ) और पैतृक (पेरेंटल) मैपिंग का पहला सत्र सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए हार्दिक बधाई। इस प्रक्रिया का उद्देश्य उन मतदाताओं की संख्या को सीमित करना है जिन्हें नोटिस और सत्यापन अवधि (5 अगस्त 2026 से 3 अक्टूबर 2026) के दौरान दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता होगी।
एक बीएलओ के रूप में लोकतंत्र के प्रति आपकी कड़ी मेहनत और समर्पण ने यह सुनिश्चित किया है कि झारखण्ड की 2026 की मतदाता सूची के 1.63 करोड़ मौजूदा मतदाताओं को वर्तमान एसआईआर प्रक्रिया में कोई भी दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इन मतदाताओं को प्रारूप एसआईआर मतदाता सूची और तत्पश्चात 2026 की अंतिम एसआईआर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए गणना (इन्यूमरेशन) अवधि के दौरान केवल विधिवत भरा हुआ और हस्ताक्षरित प्री-फिल्ड गणना फॉर्म (pre-filled enumeration form) तथा हालिया रंगीन तस्वीरें जमा करनी होंगी।
मैं समझता हूँ कि इस एसआईआर प्रक्रिया में कुछ हितधारकों द्वारा बीएलओ के सामने कुछ चुनौतियाँ पेश की जा रही हैं, लेकिन आपकी कड़ी मेहनत, समर्पण और चुनावी प्रक्रिया के आपके उत्कृष्ट ज्ञान के बल पर, आप सभी राष्ट्र की सेवा और भारत के उन साथी नागरिकों की सेवा में इन चुनौतियों पर विजय प्राप्त करेंगे जो मतदाता के रूप में पंजीकरण कराना चाहते हैं।
भारत के माननीय मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने झारखण्ड के अपने दो दौरों के दौरान झारखण्ड के कई बीएलओ के साथ बातचीत की और चुनावी प्रक्रिया के संबंध में झारखण्ड के बीएलओ के ज्ञान और उनकी कड़ी मेहनत की भरपूर सराहना की। माननीय मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कई राष्ट्रीय मंचों पर कई अवसरों पर झारखण्ड के बीएलओ की क्षमता और ज्ञान की भी सराहना की है। आने वाले तीन महीनों में एसआईआर प्रक्रिया के लिए आपके अधिकांश समय और कड़ी मेहनत की आवश्यकता हो सकती है, और इस चुनौतीपूर्ण कार्य में भारत निर्वाचन आयोग का पूरा परिवार आपके साथ मजबूती से खड़ा है।
