‘सर्वाेदय संकल्प’ शिविरों के आयोजन, आगामी पंचायत चुनावों की तैयारियों और दिल्ली में प्रस्तावित ‘वोट बचाओ’ अभियान में भागीदारी पर हुई चर्चा
राँची, 28 अक्टूबर 2026। कांग्रेस भवन, राँची में बुधवार को राजीव गांधी पंचायती राज संगठन, झारखंड की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन को सशक्त बनाने, जिला, प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने, आगामी पंचायत चुनावों की तैयारियों तथा आगामी 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित ‘वोट बचाओ’ अभियान एवं रैली में संगठन की भागीदारी को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य रूप से झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री केशव महतो कमलेश एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सह-प्रभारी श्री भूपेंद्र मरावी एवं राजीव गांधी गांधी पंचायती राज संगठन की झारखंड प्रभारी सुश्री अशिका कुजूर उपस्थित रही। दोनों वरिष्ठ नेताओं ने संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने, पंचायतों तक जनसंपर्क बढ़ाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं में आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने संगठन को पंचायत स्तर तक मजबूत बनाने का किया आह्वान
अपने संबोधन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री केशव महतो कमलेश ने कहा कि पंचायत स्तर पर संगठन की मजबूती लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने संगठन के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर सक्रिय होकर कार्य करने तथा आम जनता की समस्याओं को समझते हुए उनके समाधान के लिए पहल करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आगामी पंचायत चुनावों को ध्यान में रखते हुए अभी से संगठनात्मक तैयारियों को व्यवस्थित करना आवश्यक है। इसके लिए कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय, नियमित जनसंपर्क और पंचायत स्तर पर संगठन की सक्रियता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने ‘सर्वाेदय संकल्प’ शिविरों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को संगठित करने तथा संगठन के विचारों और कार्यक्रमों को आम लोगों तक पहुँचाने पर भी बल दिया।
भूपेंद्र मरावी ने संगठनात्मक एकजुटता और जनभागीदारी पर दिया जोर
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सह-प्रभारी श्री भूपेंद्र मरावी ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन की वास्तविक ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ताओं और आम जनता से जुड़े रहने में निहित है। उन्होंने सभी जिला संयोजकों एवं पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने, कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने और पंचायत स्तर पर संगठन की भूमिका को प्रभावी बनाने का आह्वान किया।
