Ranchi: अबुआ अधिकार मंच, झारखण्ड के रांची विश्वविद्यालय संयोजक अभिषेक शुक्ला के नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रशासन की मनमानी के विरुद्ध रांची विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का घेराव किया लगभग 4 घंटे चले धरना प्रदर्शन मे छात्र छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के मनमानी के खिलाफ जम कर नरेबाज़ी की घेराव का नेतृत्व कर रहे अभिषेक शुक्ला ने कहा कि रांची विश्वविद्यालय से सम्बद्ध छात्र-छात्राओं को इस समय कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जिसमें मुख्य रूप से कुरमाली भाषा से संबंधित पीएचडी पंजीकरण,पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2024 एवं एक व्यक्ति एक पद.
1. कुरमाली भाषा के पीएच.डी. पंजीकरण से संबंधित समस्या : कुरमाली भाषा एवं साहित्य में नेट–जेआरएफ पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को पीएच.डी. पंजीकरण में गंभीर कठिनाइयाँ हो रही हैं। वर्तमान में इस विषय में केवल दो नियमित शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें से मात्र एक शोध निर्देशन के पात्र हैं, और उनकी सभी सीटें पहले से पूर्ण हैं। जब से कुरमाली सहित आठ अन्य भाषाओं (मुंडारी, संथाली, हो, खड़िया, खोरठा, पंचपरगानिया, नागपुरी, कुरुख) को मानविकी संकाय से अलग कर जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा संकाय में सम्मिलित किया गया है, तब से कुरमाली शोधार्थियों को मानविकी संकाय (संस्कृत, हिंदी, उर्दू, बांग्ला आदि) के अधीन पंजीकरण की अनुमति नहीं मिल रही है।
2. पीएच.डी. प्रवेश परीक्षा 2024 के आयोजन में विलंब : विश्वविद्यालय द्वारा अक्टूबर 2024 में पीएच.डी. प्रवेश परीक्षा की अधिसूचना जारी की गई थी और दिसंबर 2024 से मार्च 2025 तक आवेदन लिए गए, किंतु अब तक परीक्षा आयोजित नहीं की गई है। मंच ने शीघ्र एडमिट कार्ड जारी कर परीक्षा तिथि सुनिश्चित करने की मांग की है।
3. “एक व्यक्ति – एक पद” आदेश का पालन न होना : राज्यपाल सह कुलाधिपति द्वारा अगस्त 2025 में जारी आदेश के बावजूद विश्वविद्यालय में “एक व्यक्ति – एक पद” नीति का अनुपालन नहीं किया गया है। मंच ने आदेश के कठोर पालन हेतु कुलपति से आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।
4. NCCF एजेंसी द्वारा परीक्षा संचालन में अनियमितता : विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली NCCF नामक निजी एजेंसी को सौंपे जाने के बाद व्यापक वित्तीय अनियमितताएँ सामने आई हैं। पहले जहाँ परीक्षा विभाग ₹2 करोड़ का लाभ देता था, वहीं अब यह ₹8–10 करोड़ के घाटे में है। मंच ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पुरानी EDPC प्रणाली को पुनः चालू करने की मांग की है।
अभिषेक शुक्ला ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया, तो अबुआ अधिकार मंच विश्वविद्यालय परिसर में धरना, प्रदर्शन और तालाबंदी करने को बाध्य होगा।
विश्वविद्यालय प्रसाशन ने लगभग 3.00 मे वार्ता के लिये कुलसचिव एवं कुलांनुशाशक को भेजा परन्तु
छात्र कुलपति से वार्ता करने की मांग कर रहे थे कुलपति ने कहा कि वह किसी कार्य से झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में है, जो भी समस्या है उसके समाधान के लिए उन्होंने पदाधिकारी को भेजा वार्ता के दौरान कुलसाचिव ने बताया की
घेराव करने वालो में मुख्य रूप से :विक्रम यादव,विशाल कुमार यादव, आयुष,दिवाकर, अर्जुन, अनुज,ऋषि कुमार, के अलावा कई अन्य छात्र, छात्राएं मौजूद थे।
