पटना। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु, चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी, बिहार के मुख्य चुनाव अधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल और आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बिहार के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ चर्चा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक के बाद चुनाव आयोग ने कहा कि राजनीतिक दल जनतंत्र की आधारशिला हैं, सभी दलों को पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया के हर पड़ाव पर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। आयोग ने कहा कि चुनाव के पर्व को सौहार्द से मनायें, मतदाताओं का सम्मान करें । आयोग ने आह्वान किया कि चुनाव की पारदर्शिता का अनुभव करें, हर बूथ पर राजनीतिक दल अपने पोलिंग एजेंट नामित करना न भूलें। चुनाव आयोग ने कहा कि तमाम राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग के मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिये विशेष मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) के ऐतिहासिक, पारदर्शी और दृढ़ कदम उठाने के लिये धन्यवाद किया और चुनावी प्रक्रिया के प्रति अपनी पूरी निष्ठा और विश्वास को दोहराया। राजनीतिक दलों ने मतदान केंद्र पर 1,200 मतदाताओं की अधिकतम संख्या निर्धारित करने के लिये आयोग का धन्यवाद किया। राजनीतिक दलों ने बिहार के मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिये छठ पर्व के तुरंत बाद चुनाव कराने की मांग की और चुनाव को कम से कम चरणों में कराने का सुझाव दिया है। चुनाव आयोग की ओर से हाल ही में उठाए गए कई नए कदमों, जैसे पोस्टल वोटों की गिनती एवं फॉर्म 17सी संबंधी प्रावधानों की व्यापक सराहना की गई । सभी दलों ने चुनाव आयोग पर अपना पूर्ण विश्वास व्यक्त किया तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष और पूर्णत: पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग में पूरा विश्वास जताया।
एक ही चरण में होचुनाव : जदयू
बैठक में सीएम नीतीश कुमार की पार्टी ने एक चरण में चुनाव कराने की मांग की। जदयू सांसद संजय कुमार झा ने बैठक के बाद कहा कि हमने चुनाव आयोग के समक्ष अपनी बात रखी। बिहार में मतदाता पुनरीक्षण कार्य हुआ है, और बिहार देश को दिखाएगा कि यह कैसे किया जाता है। हमने आग्रह किया है कि बिहार में चुनाव एक ही चरण में कराए जाएं। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर है। अगर महाराष्ट्र में एक चरण में चुनाव हो सकते हैं, तो बिहार में क्यों नहीं?
दो चरणों में हो चुनाव : भाजपा
बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि आगामी विधानसभा चुनाव एक या दो चरणों में कराए जाएं। चुनाव प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबा न खींचा जाए। साथ ही, मतदान केंद्रों पर आने वाली बुर्का पहनने वाली महिलाओं के चेहरों का मिलान उनके वोटर आईडी कार्ड से सुनिश्चित किया जाए, ताकि केवल वास्तविक मतदाता ही अपने मत का प्रयोग कर सकें। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से बूथ कैप्चरिंग और मतदाताओं के डराने-धमकाने की घटनाओं की आशंका वाले इलाकों में अर्धसैनिक बलों की पर्याप्त तैनाती की मांग की है। उन्होंने कहा कि हमने अनुरोध किया है कि कमजोर वर्गों, जैसे अत्यंत पिछड़े वर्गों की अधिक जनसंख्या वाले गांवों में अर्धसैनिक बलों की तैनाती मतदान से कुछ दिन पहले ही की जाए और फ्लैग मार्च जैसे अभियानों के जरिए मतदाताओं में विश्वास पैदा किया जाए।
