Ranchi: डी ए वी नंदराज पब्लिक स्कूल बरियातू ने भव्य रूप से भारत के नव जागरण के पुरोधा महर्षि दयानन्द सरस्वती का जन्म दिन मनाया। प्रातः वर्ग षष्ठ के छात्र-छात्राओं ने अपने वर्ग शिक्षकों के साथ हवन यज्ञ किया। प्रातः कालीन सभा के संपूर्ण कार्यक्रम इसी से संबंधित थे । छात्र अर्यमा कक्षा तीसरी सी,छात्रा अभिश्री कक्षा दूसरी बी ने भजन प्रस्तुत किया। आर्या आठवीं सी और आयशा खान आठवीं ए ने भाषण प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ रविप्रकाश तिवारी जी ने कहा कि महर्षि दयानन्द आधुनिक भारत के नव जागरण के पुरोधा थे । सबसे पहले नमक आंदोलन, स्वतंत्रता, स्त्री शिक्षा इत्यादि के प्रति समाज को जगाने का काम इन्होंने ही किया था। बाद के सभी समाज सुधारकों ने इनसे ही प्रेरणा लेकर कार्य को आगे बढ़ाया। हमने इनके कार्यों का श्रेय दूसरों को दे दिया। आज आवश्यकता है पुनः मूल्यांकन करने का । महर्षि दयानन्द सरस्वती जी का विचार संकीर्ण नहीं था ।वे हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के पक्षधर थे तो उन्नति के लिए अंग्रेजी सीखना उतना ही जरूरी बताया था।
उनके दृष्टिकोण मानव जाति के लिए सर्वश्रेष्ठ रास्ता है । आवश्यक है हम अपने जीवन में उन विचारों को उतारें। वेदों की ओर लौटो यह नारा ऋषि दयानंद का ही है। आर्यसमाज के दस में से सात नियम ऐसे हैं जिनका खंडन संसार का कोई भी व्यक्ति नहीं कर सकता है । अतः हमें उनके बताए रास्ते पर चलना चाहिए।
