ओरमांझी:प्रखंड के ओरमाझी पंचायत सचिवालय में गुरुवार को बाल बिकास परियोजना द्वारा सोनार टोला में आंगनबाड़ी केंद्र का सेविका चयन करने के लिए ग्राम सभा का आयोजन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी कामेश्वर बेदिया के उपस्थिती में किया गया था। सेविका चयन हेतु तीन महिलाओं ने अपना दावा किया।जिसमें दो महिलाएं पीजी डिग्री की थी और एक विधुवा महिला जो इंटर थी।और उसके पति ससुर सहित तीन लोगों की मौत कोरोना काल में हुई थी उसकी आर्थिक स्थिति अत्यंत खराब है उसके आधार पर ग्राम सभा में आए अधिकांश लोग उक्त महिला का सेविका में चयन करना चाह रहे थे।
किन्तु ओरमांझी सीडीपीओ द्धारा उक्त महिला को नियम कानून बताते हुए उसे चयन प्रक्रिया से बाहर कर उच्च योग्यता वाले महिला का चयन करना चाह रही थी
जिसपर ग्राम सभा में शामिल अधिकांश लोगों के साथ ग्राम प्रधान दीनदयाल लोहार मुण्डा,मुखिया दीपक बडाईक,पंचायत समिति सदस्य ललीता मेहता,उपमुखिया संतोष गुप्ता, प्रखण्ड वार्ड संघ के अध्यक्ष सत्यमराज कुशवाहा आदि का कहना था कि जब सरकार कहती हैं ग्राम सभा सर्वोपरि है और ग्राम सभा चाह रही है कि नियम के तहत ही जो योग्य महिला है विधुवा है कोरोना काल के समय पति,ससुर,चाचा ससुर का देहांत हो गया और अत्यंत गरीबी में जी रही है ऐसे महिला का चयन होना चाहिए जिसपर सीडीपीओ ने इन्कार किया। अंत में बिना सेविका चयन किए ग्राम सभा स्थगित किया गया।
