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कांके रोड में हॉटलिप्स के पीछे और सड़क के दूसरी तरफ भू माफियाओं की दबंगई
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फर्जी दस्तावेजों की आड़ में आदिवासी और गैरमजरुआ जमीन पर धावा
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आदिवासी नेताओं में आक्रोश..मंत्री दीपक बीरूआ और डीसी और से मिलकर करेंगे जांच की मांग
रांची के सबसे पॉश माने जाने वाले कांके रोड में धड़ल्ले से आदिवासियों के जमीन की लूट चल रही है. पूरा इलाका जानता है कि भोले भाले आदिवासियों की जमीन पर माफियाओं का कब्जा होता जा रहा है लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही. जमीन के इस खेल में कई हत्याएं हो चुकी, गोलियां चलीं लेकिन माफियाओं की दबंगई पर शिकंजा कसने वाला कोई नहीं. अपनी अस्मिता की लड़ाई लड़ने वाला आदिवासी समाज खुलेआम शोषण का शिकार बन रहा है लेकिन सिस्टम और यहां तक कि ईडी भी खामोश है.
जगतपुरम और ब्रह्मचारी नगर में काला खेल
कांके रोड के चर्चित हॉटलिप्स रेस्टोरेंट के ठीक पीछे जगतपुरम के नाम से कॉलोनी डेवलप की जा रही है जो मोराबादी के चिरौंदी इलाके तक फैलती जा रही है. इलाके में घुसने पर बड़ी बड़ी इमारतें, अपार्टमेंट दिखाई देते हैं लेकिन पर्दे के पीछे की सच्चाई कुछ और है. यहां नाम मात्र की जेनरल जमीन है जबकि बड़े पैमाने पर आदिवासियों की जमीन है जिसपर सादा पट्टा से लेकर फर्जी दस्तावेजों से इस्तीफा कबूलियत, कंपनसेशन और छप्परबंदी का खेल चल रहा है. वहीं हॉटलिप्स के ठीक सामने सड़क के दूसरी तरफ ब्रह्मचारी नगर बस गया है. इस इलाके को भी भूमाफियाओं ने कब्जे में ले लिया है. दबंगई ऐसी कि विरोध करने पर गोलियां चल जा रही हैं.
भूमाफियाओं ने बनाया सिंडीकेट
इलाके में कुछ खास भूमाफिया ही सक्रिय हैं जिनमें चितरंजन, अवधेश, शैलेश, हरेंद्र, अनिल, रमेश समेत कई नाम शामिल हैं. इनमें चितरंजन ने पूर्व में अवधेश यादव पर गोलियां भी चलवाईं जिसमें अवधेश यादव बुरी तरह घायल हो गए. अब वह ठीक होकर इलाके में वापस आ गए हैं और चितरंजन ने इलाका छोड़ दिया है. ऊपर आपने जितने नाम पढ़े हैं इन सभी ने अपना एक सिंडीकेट बना लिया है और आपस में तालमेल से आदिवासियों के हक की जमीन पर अवैध कब्जा करते जा रहे हैं.
बड़े अधिकारियों का करवा दिया निवेश..अब वही अधिकारी कर रहे हैं बचाव
दरअसल इस पूरे फर्जीवाड़े में राज्य के बड़े बड़े आईएएस, आईपीएस, डीएसपी, सीओ समेत कई अधिकारियों के निवेश करा दिए गए हैं. अब जगतपुरम और ब्रह्मचारी नगर पर मंडराने वाली जांच की रडार भी इन अधिकारियों के कारण ठंडे बस्ते में चली जाती है. लेकिन एवीएन पोस्ट के पास पक्के दस्तावेज हैं जिनसे हम खुलासा करेंगे कि कैसे आदिवासियों की जमीन लूटी जा रही है. जांच हुई तो भूमाफियों समेत कई बड़े अधिकारी भी नप जाएंगे.
