आगामी 29 नवम्बर को होनेवाली बिजली के मामले के वादों एवं 13 सितम्बर को आयोजित होनेवाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए माननीय न्यायायुक्त की अध्यक्षता में बिजली विभाग के पदाधिकारियों व न्यायिक पदाधिकारियों के साथ बैठक सम्पन्न, दिये गये कई दिशा निर्देश।
रांची : माननीय न्यायायुक्त श्री अनिल कुमार मिश्रा-1 की अध्यक्षता में आगामी 29 नवम्बर को होनेवाली बिजली के मामलों से संबंधित विशेष लोक अदालत एवं 13 दिसम्बर को होनेवाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए बैठक की गयी। इस बैठक में न्यायायुक्त, श्री अनिल कुमार मिश्रा-1, श्री अरविन्द कुमार, एजेसी-20, श्री अखिलेश कुमारी तिवारी, एजेसी-7, डालसा सचिव श्री रवि कुमार भास्कर, बिजली विभाग के पदाधिकारी, अनुप कुमार महतो, देवनंदन राम, अजय कुमार सुमित कुमार, हिमांशु कुमार, राजेश कुमार मंडल, अमित कुमार भगत, आलोक रंजन रवि कुमार नायक पंकज कुमार जयसवाल व अन्य उपस्थित थे।
बैठक को संबोधित करते हुए माननीय न्यायायुक्त ने कहा कि आगामी 29 नवम्बर को बिजली से संबंधित लंबित वादों के निस्तारण के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन होना सुनिश्चित हुआ है। उक्त तिथि को अधिक-से-अधिक लंबित प्री-लिटिगेशन के वादों को सुलझाने में सहयोग करें।
ज्ञात हो कि न्यायायुक्त श्री अनिल कुमार मिश्रा-1 ने यह भी कहा कि बिजली से संबंधित वादों का लिस्ट तैयार करें, नोटिस का तामिला कराकर या दूरभाष के माध्यम से वादकारियों को सूचित करें, ताकि अधिक-से-अधिक वादों का निस्तारण हो सके और पीड़ित या पीड़िता को लाभ मिल सके।
एजेसी-15 श्री अमित शेखर व डालसा सचिव श्री रवि कुमार भास्कर ने संयुक्त रूप से बिजली विभाग के पदाधिकारियों व प्रतिनिधियों को निर्देश दिये कि अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक जागरूकता फैलये, ताकि अधिक से अधिक लंबित वादों का निस्तारण किया जाये। प्रखंड व चौक-चौराहों पर पोस्टर बैनर लगवाने व पम्पलेट तथा लिफलेट वितरण करने की बाते भी कही गयी।
एजेसी-20 अरविन्द कुमार ने कहा कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत जो कि 13 दिसम्बर, 2025 को आयोजित होगी, उक्त लोक अदालत में अधिक-से-अधिक वादों का निस्तारण करना ही हमलोगों का लक्ष्य है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य हैं कि आप अपने क्षेत्र में, कार्यालय में पोस्टर-बैनर लगायें, लोगों को जागरूक करें और बिजली से संबंधित लंबित वादों को बेंच के समक्ष रखें।
डालसा सचिव ने यह भी कहा कि वादकारियों का कोई भी सुलहनीय वाद माननीय न्यायालय में लंबित हैं, तो विशेष लोक अदालत राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन वादकारी अपने वादों का निबटरा करा सकते हैं, जिससे समय व धन की बचत होगी। राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी आपराधिक सुलहनीय मामले, दीवानी से संबंधित मामले, श्रम से संबंधित वाद, वैवाहिक वाद, पारिवारिक वाद, उत्पाद से संबंधित मामले, चेक बाउंस के मामले, वन विभाग के मामले, बिजली से संबंधित मामले, ट्रैफिक चालान से संबंधित मामले साथ ही साथ भूमि अधिग्रहण, मोटरयान, माप-तौल से संबंधित वाद एवं विवाह से संबंधित मामलों को चिन्हित करके पक्षकारों को नोटिस भेजा जा रहा है।
