डालसा ने आज मनाया अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध और अवैध तस्करी विरोधी दिवस
शेल्टर होम, प्रोबेशन, होम, किशोर न्याय बोर्ड, बीएमसी जेल होटवार, रिनपास रांची, विभिन्न कस्तुरबा गांधी स्कूलों समेत सभी लिगल-ऐड-क्लिनिक में नशा पर डालसा का विधिक जागरूकता कार्यक्रम।
रांची: माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय के न्यायामूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष, झालसा, श्री सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश तथा माननीय सदस्य सचिव, झालसा कुमारी रंजना अस्थाना एवं माननीय न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष डालसा, रांची, श्री अनिल कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में आज दिनांक 26.06.2026 को डालसा रांची ने रिनपास, सी.आईपी., प्रोबेशन होम, शेल्टर होम समेत बिरसा मुण्डा केंद्रीय कारा तथा किशोर न्याय बोर्ड डुमरदगा समेत अपने सभी लिगल-ऐड-क्लिनिक में अंतराष्ट्रीय नशा निषेध और अवैध तस्करी विरोधी दिवस पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
रिनपास रांची एवं सीआईपी रांची में आयोजित विधिक जागरूकता कार्यक्रम में डिप्टी एलएडीसी श्री राजेष कुमार सिन्हा, डाॅ. रूपा घोष, डाॅ. सजल-ए-नाग, पीएलवी भारती देवी, शारदा देवी, चालक राजा वर्मा समेत अन्य लोग उपस्थित थे।
डिप्टी एलएडीसी श्री राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि आज 26 जून को विश्व स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस डालसा, रांची के द्वारा मनाया जा रहा है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों और अवैध ड्रग्स व्यापार से होने वाले खतरों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने ने नशा से संबंधित कानुनों एवं नशीली दवाओं के दुष्प्रभव के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा से स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। शारीरिक कमजोरी, मानसिक तनाव, अवसाद और कई बार नशीली सुइयों के साझा इस्तेमाल से एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसी जानलेवा बीमारियां फैलती हैं।
डाॅ. रूपा घोष ने नशा से बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवाओं में परिवारों का टूटना, घरेलू हिंसा में वृद्धि और अपराधों का ग्राफ बढ़ने में नशा एक एक महत्वपूर्ण कारण है। नशा से बचने के लिए नशीली दवाओं के घातक परिणामों के बारे में खुद भी जानें और अपने परिवार व दोस्तों को भी जागरूक करें। मानसिक तनाव, डिप्रेशन या अकेलेपन के कारण लोग अक्सर नशे का सहारा लेते हैं। इससे बचने के लिए योग, ध्यान या खेलकूद को जीवन में शामिल करें।
