Ranchi: आदिवासी छात्र संघ, केंद्रीय समिति, झारखण्ड ने डोरंडा कॉलेज, राँची के कुड़ूख़ (Kurukh) विभाग में शिक्षकों की गंभीर कमी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए आज राँची विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि कुड़ूख़ विभाग में वर्तमान समय में एक भी शिक्षक कार्यरत नहीं है, जिसके कारण विभाग का शैक्षणिक कार्य पूरी तरह ठप है।
केंद्रीय अध्यक्ष सुशील उराँव ने कहा कि “डोरंडा कॉलेज के कुड़ूख़ विभाग के UG,PG में एक भी शिक्षक नहीं हैं। शिक्षक के अभाव में छात्रों का भविष्य गंभीर संकट में है। साथ ही ग्रेजुएशन सेमेस्टर–VI का फॉर्म भरा जा रहा है, जबकि मिड–सेम परीक्षा तक नहीं हुई है—ऐसी स्थिति में छात्र फॉर्म कैसे भरेंगे? रांची विश्वविद्यालय प्रशासन उपरोक्त बिंदुओं को यथाशीघ्र संज्ञान में ले। देरी होने पर आदिवासी छात्र संघ चरणबद्ध आंदोलन करेगा।
संघ ने अपनी मांगों में कहा: 1. कुड़ूख़ विभाग में तत्काल स्थायी अथवा अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। 2. ग्रेजुएशन सेमेस्टर–VI का फॉर्म भरने से पहले Mid-Sem Examination आयोजित किया जाए, ताकि छात्रों पर अनावश्यक दबाव न पड़े। 3. आदिवासी भाषाओं से संबंधित विभागों को स्थायी, मजबूत एवं पर्याप्त संसाधनों के साथ संचालित किया जाय ।
संघ ने स्पष्ट किया कि आदिवासी भाषाओं की उपेक्षा किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है, और विश्वविद्यालय को छात्रों के भविष्य की जिम्मेदारी गंभीरता से लेनी चाहिए।
