मुड़मा जतरा झारखंड के आदिवासी अस्मिता, ऐतिहासिक संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है।
यह जतरा सदियों से जनजातीय समाज की पहचान और गौरव से जुड़ा हुआ एक ऐतिहासिक जतरा (पर्व) रहा है। इसी सांस्कृतिक भावना और विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए: JMM छात्र मोर्चा ने राँची विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है इससे जतरा में शामिल होकर कला संकृति को देख लाभान्वित होंगे। 9 अक्टूबर 2025 को विश्वविद्यालय में अवकाश घोषित किया जाए।
इस माँग पत्र को सौंपने में:️ राँची विश्वविद्यालय समिति के नि:अध्यक्ष अमन तिवारी,️ सचिव असद फेराज टिंकू , कोषाध्यक्ष राहुल मुंडा, सह सचिव मदन कच्छप, रोशन गाड़ी,️ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रांची नि:अध्यक्ष मनीष राणा,तथा,️ मांडर कॉलेज इकाई के नि:अध्यक्ष मो हमजा, कोषाध्यक्ष रॉकी शाह उपस्थित रहे।
JMM छात्र मोर्चा का कहना है कि मुड़मा जतरा जैसी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जतरा, हमारी पहचान और परंपरा का जीवंत प्रतीक है और इस अवसर पर अवकाश घोषित करना न केवल उचित है, बल्कि, आदिवासी संस्कृति के प्रति सम्मान का प्रतीक भी होगा। JMM छात्र मोर्चा सदैव छात्रों और समाज के हित में अपनी भूमिका निभाता रहेगा।
