Ranchi: रोटरी क्लब रांची के सदस्यों ने बरियातू स्थित वृद्धाश्रम पहुंचकर जब बुजुर्गों के साथ दीपावली मनाई, तो यह उत्सव भावनाओं, प्रेम और अपनत्व का संगम बन गया। रोटरी परिवार के सदस्यों ने वृद्धाश्रम में रहने वाले 55 बुजुर्गों के साथ दीपावली मनाकर खुशियाँ बाँटीं। उनके साथ मिलकर गीत गाये। उनके बीच मिठाइयाँ और उपहार बांटा। इस आयोजन से बुजुर्गों के चेहरे पर खुशी और स्नेह की चमक बिखर गई।
इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत रोटरी क्लब रांची के अध्यक्ष अमित अग्रवाल के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि दीपावली का असली अर्थ केवल घरों में दीप जलाना नहीं, बल्कि किसी के जीवन में प्रकाश लाना है। जब हम अपने समाज के वरिष्ठ नागरिकों के बीच खुशियाँ बाँटते हैं, तभी दीपावली का सच्चा उद्देश्य पूरा होता है। उन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे हर अवसर पर समाज के उपेक्षित और वंचित वर्गों के साथ जुड़कर उनकी सेवा करें।
कार्यक्रम में बुजुर्गों ने अपने जीवन के अनुभव रोटेरियन सदस्यों के साथ साझा किया। किसी ने बचपन की दीपावली याद की, तो किसी ने परिवार से दूर रहने का दर्द साझा किया। रोटरी सदस्यों के स्नेह से मिली खुशी का जिक्र करते हुए कइयों की आंखे भर आई। कार्यक्रम में सभी ने साथ मिलकर पारंपरिक खेलों और आतिशबाजी का भी आनंद उठाया। रोटरी क्लब के सदस्यों ने बुजुर्गों को भोजन, मिठाइयाँ और उपहार बांटा।
इस अवसर पर शाहिद पॉल, प्रवीण राजगढ़िया, भावना तनेजा, राहुल राजगढ़िया, राबिया पॉल, परमेश्वर महतो, प्रकाश सरावगी, रश्मि अग्रवाल, आरना अग्रवाल और एकलव्य अग्रवाल सहित रोटरी परिवार के कई सदस्य उपस्थित थे।
आयोजन के बाबत वृद्धाश्रम की प्रबंधन समिति के शत्रुघ्न गुप्ता ने रोटरी क्लब रांची का आभार जताते हुए कहा कि दीपावली जैसे त्यौहार पर जब समाज के लोग यहाँ आते हैं, तो हमारे बुजुर्ग खुद को अकेला नहीं बल्कि परिवार का हिस्सा महसूस करते हैं। वास्तव में, यह दीपावली रोटरी क्लब रांची और वृद्धाश्रम दोनों के लिए एक यादगार दिन बन गया।
