रांची। झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के शोधार्थी रजत राज को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है। उनका शोध विषय “The Tribal Culture Through the lens: Analysing Visuals of Newspapers in reference to the Nagpuri Culture of Jharkhand” रहा, जिसमें उन्होंने झारखंड की नागपुरी संस्कृति को समाचार पत्रों के दृश्य के माध्यम से विश्लेषित किया। यह शोध डॉ. अमृत कुमार के मार्गदर्शन में हुआ है। एक्सटर्नल एक्सपर्ट के रूप में प्रोफेसर बच्चा बाबू , यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन, गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, द्वारका (दिल्ली) मौजूद रहे।
रजत राज के इस शोध में यह दर्शाया गया है कि मीडिया किस प्रकार आदिवासी संस्कृति को प्रस्तुत करता है। उनके अध्ययन को अकादमिक जगत में महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है। विश्वविद्यालय के शिक्षकों और परिजनों ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया है। रजत ने पूर्व में अपने विश्वविद्यालय के लिए फोटोग्राफी में ज़ोनल और राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। रजत राज मूल रूप से बिहार के गोपालगंज जिले के रहने वाले है। विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर देवव्रत सिंह ने डॉ. रजत राज की उज्जवल भविष्य की कामना की है।
