युवा शक्ति का प्रभाव इन दिनों दुनिया भर के कई देशों में देखने को मिल रहा है। चाहे भारत के पड़ोसी देश हों या कोई भी अफ्रीकी देश। कई जगहों पर युवाओं ने सरकार को या तो अपनी माँगें मानने पर मजबूर किया है या फिर उसे उखाड़ फेंका है। कुछ दिन पहले नेपाल में भी ऐसा ही हुआ था, जहाँ केपी ओली सरकार कुछ ही दिनों में अपना अस्तित्व खो बैठी। वैसे, दुनिया भर के अन्य देशों में भी युवाओं का विरोध प्रदर्शन जारी है। ऐसा ही एक अफ्रीकी देश मेडागास्कर है, जहाँ युवाओं की शक्ति के आगे सरकार को झुकना पड़ा और सरकार भंग कर दी गई।
आमतौर पर लोग बिजली और पानी जैसे मुद्दों पर ही अपनी बात रखते हैं, लेकिन एक अफ्रीकी देश में इन्हीं मुद्दों ने सरकार को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया है। मामला अफ्रीका के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित एक द्वीपीय देश मेडागास्कर का है, जो इन दिनों उथल-पुथल के दौर से गुज़र रहा है। राजधानी एंटानानारिवो में बिजली और पानी की किल्लत से परेशान युवा सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए।
पिछले हफ़्ते शुरू हुए प्रदर्शन सोमवार, 29 सितंबर को हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों के बढ़ते गुस्से और जनता के दबाव के चलते, राष्ट्रपति एंड्री राजोइलिना ने सरकारी टेलीविज़न पर घोषणा की कि वह सरकार को भंग कर देंगे और लोगों से माफ़ी माँगेंगे।
मेडागास्कर में आंदोलन का मुख्य कारण देश में बिजली कटौती और पानी का संकट था। मेडागास्कर की आबादी लगभग 3 करोड़ है, जिसमें से लगभग 75 प्रतिशत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं। बेरोज़गारी, मुद्रास्फीति और सरकारी निष्क्रियता से युवाओं में भारी असंतोष था। कई प्रदर्शनकारियों ने इसे दैनिक जीवन पर हमला बताया।
सोशल मीडिया के ज़रिए आयोजित यह आंदोलन केन्या, नेपाल और मोरक्को जैसे देशों के युवा आंदोलनों से प्रेरित प्रतीत होता है। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय से मार्च शुरू किया, लेकिन पुलिस द्वारा आंसू गैस और रबर की गोलियां चलाए जाने से स्थिति बिगड़ गई। राजधानी में सुपरमार्केट, बैंक और नेताओं के घरों में लूटपाट की गई। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, हिंसा में 22 लोग मारे गए हैं और 100 से ज़्यादा घायल हुए हैं। मेडागास्कर सरकार ने मौतों की खबरों को अफवाह बताया है। शहर में रात का कर्फ्यू लगा दिया गया है। 2023 में दोबारा चुने गए राष्ट्रपति राजोइलिना ने इन विरोध प्रदर्शनों को अपने शासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती माना है। उन्होंने सरकार को तत्काल भंग करने, लूटपाट से प्रभावित व्यवसायों को सहायता देने और युवाओं से बातचीत करने की घोषणा की है। उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार की नाकामियों के कारण लोगों को परेशानी हुई है और एक नई शुरुआत की ज़रूरत है।
