Close Menu
Avnpost
  • 📋ई-पेपर
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • सिने-जगत
  • लाइफस्टाइल
  • धर्म-अध्याय
Facebook X (Twitter) Instagram
Avnpost
Facebook X (Twitter) Instagram
Subscribe
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • राज्य
    • झारखंड
    • बिहार
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • लाइफस्टाइल
  • धर्म-अध्याय
  • 📋ई-पेपर
    • Punch ePaper
    • Jamhuriyat Times ePaper
    • Freedom Fighter
Avnpost
  • 📋ई-पेपर
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • सिने-जगत
  • लाइफस्टाइल
  • धर्म-अध्याय
Home»राज्य»झारखंड»पारस एचइसी हॉस्पिटल में एसआरएस (SRS)एवं एसबीआरटी (SBRT) तकनीक की शुरुआत
झारखंड

पारस एचइसी हॉस्पिटल में एसआरएस (SRS)एवं एसबीआरटी (SBRT) तकनीक की शुरुआत

Super_UserBy Super_UserJanuary 9, 2026No Comments2 Mins Read
Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Email Threads Copy Link
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp Threads

दो ब्रेन मेटास्टेसिस मरीजों का बिना सर्जरी किया गया अत्याधुनिक इलाज

रांची: पारस एचइसी हॉस्पिटल ने अत्याधुनिक स्टीरियोटैक्टिक रेडियोसर्जरी (एसआरएस) और स्टीरियोटैक्टिक बॉडी रेडियोथेरेपी (एसबीआरटी) सेवाओं की औपचारिक शुरुआत कर दी है। इससे पहले यह तकनीक देश के बड़े महानगरों के कुछ चुनिंदा अस्पतालों तक सीमित थी। अस्पताल में स्थापित उन्नत हैल्सीअन रेडिएशन मशीन और इमेज-गाइडेड तकनीक एमआरआइ एवं सीटी आधारित मिलिमीटर सटीकता के साथ ट्यूमर को निशाना बनाती है, जिससे आसपास के स्वस्थ ऊतकों को नुकसान नहीं होता।
पारस एचइसी हॉस्पिटल ने कैंसर उपचार इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए पहली बार दो ब्रेन मेटास्टेसिस के मरीजों का इलाज स्टीरियोटैक्टिक रेडियोसर्जरी (एसआरएस) तकनीक से सफलतापूर्वक किया है। यह उपचार पूरी तरह बिना सर्जरी, बिना कट-टांके और न्यूनतम पीड़ा के साथ संपन्न किया गया। हॉस्पिटल के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ डॉ. निशांत भारद्वाज और उनकी टीम की ओर से किये गये उपचार को राज्य में कैंसर और ब्रेन ट्यूमर थैरेपी के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
डॉ. निशांत भारद्वाज ने कहा कि एसआरएस तकनीक मस्तिष्क संबंधित गंभीर समस्याओं में अत्यधिक कारगर है। इनमें ब्रेन मेटास्टेसिस, मेनिंजियोमा, श्वान्नोमा/एकॉस्टिक न्यूरोमा, एवीएम, ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया आदि का इलाज होता है। वहीं, एसबीआरटी शरीर के कई अंगों के कैंसर उपचार में प्रभावी सिद्ध हुई है, जिनमें फेफड़े, लीवर, स्पाइन, प्रोस्टेट और पैंक्रियास शामिल हैं।
डॉ निशांत ने कहा कि इस तकनीक से कम समय में कैंसर का उपचार होता है। जहां पारंपरिक रेडियोथेरेपी में 25 से 30 सत्र लगते हैं, वहीं एसआरएस एवं एसबीआरटी में केवल एक से पांच सत्र में पूरा उपचार संभव है एवं बीमारी पूरी तरह खत्म की जा सकती है। इससे मरीजों का समय, खर्च और जोखिम तीनों में कमी आती है। एसआरएस एवं एसबीआरटी तकनीक उन मरीजों के लिए क्रांतिकारी विकल्प हैं, जिनमें सर्जरी संभव नहीं या जोखिमपूर्ण होती है। यह तकनीक सुरक्षित और प्रभावी उपचार का मार्ग प्रशस्त कर रही है।
पारस हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ नितेश कुमार ने कहा कि पारस एचइसी हॉस्पिटल की इस उपलब्धि ने राज्य के मरीजों को देश के बड़े शहरों में इलाज कराने की मजबूरी से राहत दी है और झारखंड में कैंसर उपचार को नई दिशा दी है। यह उन्नत सुविधा झारखंड और आसपास के राज्यों के मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण साबित हो रही है।

Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Threads Copy Link

Related Posts

शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए डा. बिंदेश्वर बेक को मिला ‘कैटेलिस्ट ऑफ एजुकेशन एक्सीलेंस’ सम्मान

October 28, 2026

कांग्रेस भवन में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक संपन्न

October 28, 2026

पारस एचइसी हॉस्पिटल में ब्लड कैंसर से पीड़ित मरीज को मिली नई जिंदगी

October 28, 2026

✤ अभी-अभी

शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए डा. बिंदेश्वर बेक को मिला ‘कैटेलिस्ट ऑफ एजुकेशन एक्सीलेंस’ सम्मान

October 28, 2026

कांग्रेस भवन में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक संपन्न

October 28, 2026

पारस एचइसी हॉस्पिटल में ब्लड कैंसर से पीड़ित मरीज को मिली नई जिंदगी

October 28, 2026

विश्व स्ट्रोक दिवस पर भगवान महावीर मणिपाल हॉस्पिटल की अपील: स्ट्रोक के लक्षण पहचानें और समय पर इलाज कराएं

October 28, 2026

CCL की अशोका परियोजना में टेरर फंडिंग का काला खेल

October 27, 2026
✤ आज का राशिफल
Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram
© 2026 Avnpost. Designed by Launching Press.
  • Privacy Policy
  • Terms
  • Accessibility

Home

News

WhatsApp

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.