Ranchi: डी ए वी नंदराज पब्लिक स्कूल बरियातू में वैदिक कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।यह कार्यशाला दो दिनों का है ।
इस कार्यशाला का शुभारंभ हवन यज्ञ के साथ हुआ । इस कार्यशाला में 400 बच्चों और 50 शिक्षकों ने भाग लिया। इस कार्यशाला में आर्य ज्ञान प्रचार समिति रांची के प्रधान श्री शत्रुघ्न लाल गुप्ता, आर्य समाज मंदिर रांची के आजीवन संरक्षिका श्रीमती सुशीला गुप्ता, विद्यालय के प्रधान श्री प्रेम प्रकाश आर्य, सचिव श्री पुनित पोद्दार, आर्यसमाज रांची के प्रधान श्री राजेन्द्र आर्य, मंत्री श्री अजय आर्य, कोषाध्यक्ष श्री संजय पोद्दार, श्री सुनील गुप्ता , कैलाश प्रिटींग प्रेस के श्री मुकेश जी आदि अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस कार्यशाला के उपदेशक अंतर्राष्ट्रीय विद्वान आचार्य संजीव रूप जी उत्तर प्रदेश से पधारे हैं।
यज्ञ के बाद कार्यशाला को संबोधित करते हुए और अतिथियों का स्वागत करते हुए डॉ रविप्रकाश तिवारी जी ने कहा कि आज युवा दिवस है । स्वामी विवेकानंद का जन्मदिवस है । जिन्होंने वैदिक सूक्तियों को दूहराते हुए कहा था कि उठो जागो और तब तक प्रयत्न करो जब तक उद्देश्य को प्राप्त न कर लो । हम इसी भावना से और शिक्षा में नैतिकता का संचार हो इसी उद्देश्य से इस कार्यशाला का आयोजन किया करते हैं। इस बार सभी डीजिटल तरीक़े से कर रहे हैं जो आपको पसंद आएगा।
जो आप सुनेंगे उसके प्रश्न आन लाइन आपको मिल जाएंगे। क्यू आर कोड से ओपन कीजिए,उत्तर दिजिए और पुरस्कार लिजिए। अपने प्रवचन में आचार्य संजीव रूप जी ने कहा कि मूर्ति,फोटो यह याद दिलाता है कि हमारा चरित्र कैसा हो । हमें लालबहादुर शास्त्री जी से दयानन्द सरस्वती जी महाराज से , विवेकानंद जी इत्यादि से सिखना चाहिए,इनका फोटो लगाना चाहिए। ये हमारे आदर्श हैं । आज आचार्य संजीव रूप जी ने विद्यालय के शिक्षकों को भी संबोधित किया और ईमानदारी का पाठ पढ़ाया। हमें अपने से, बच्चों से, पति – पत्नी एक दूसरे से , विद्यालय में अपने कार्यों से ईमानदार होना चाहिए। ईमानदारी की कमाई खाया बच्चा बेईमान नहीं बनेगा । यह याद रखना चाहिए। नैतिकता जीवन में होनी चाहिए, दिखाई देनी चाहिए तभी हम नैतिक हैं इत्यादि। कल बुटी मोड़ तक प्रभात फेरी और शोभा यात्रा है ,उसकी शुभकामनाएं देते हुए आचार्य संजीव रूप जी ने कार्यक्रम को समाप्त किया।
