Close Menu
Avnpost
  • 📋ई-पेपर
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • सिने-जगत
  • लाइफस्टाइल
  • धर्म-अध्याय
Facebook X (Twitter) Instagram
Avnpost
Facebook X (Twitter) Instagram
Subscribe
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • राज्य
    • झारखंड
    • बिहार
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • लाइफस्टाइल
  • धर्म-अध्याय
  • 📋ई-पेपर
    • Punch ePaper
    • Jamhuriyat Times ePaper
    • Freedom Fighter
Avnpost
  • 📋ई-पेपर
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • सिने-जगत
  • लाइफस्टाइल
  • धर्म-अध्याय
Home»देश»नियुक्तियां रद्द करने के सरकार के आदेश पर अदालती रोक बरकरार
देश

नियुक्तियां रद्द करने के सरकार के आदेश पर अदालती रोक बरकरार

avnpostBy avnpostSeptember 15, 2026No Comments2 Mins Read
Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Email Threads Copy Link
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp Threads

जेपीएससी की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा

रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा समेत सीडीपीओ, एफएसओ और जेएसएससी सीजीएल के अधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर लगी रोक मंगलवार को बरकरार रखी। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने राज्य सरकार को मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए 48 घंटे के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि सीआईडी की ओर से की जा रही जांच की अब तक की प्रगति से संबंधित रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की जाएगी। सरकार की ओर से जांच की स्थिति से संबंधित शपथपत्र दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की गई। सरकार की ओर से एक सप्ताह का समय मांगा गया, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया और जवाब दाखिल करने के लिए 48 घंटे का समय दिया। अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि मामला बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और नियुक्त कर्मियों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए इसमें अनावश्यक देरी नहीं की जा सकती। सुनवाई के दौरान अदालत ने सीआईडी जांच की गति को लेकर भी टिप्पणी की और सरकार से समयबद्ध तरीके से स्थिति स्पष्ट करने को कहा। मामले में जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजोय पिपरवाल ने पक्ष रखा। प्रार्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अधिवक्ता अमृतांश वत्स, चंचल जैन समेत अन्य ने बहस की। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता के साथ सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने भी पक्ष रखा। यह विवाद राज्य सरकार द्वारा उन परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले के बाद सामने आया है, जिनमें परीक्षा संचालन से जुड़ी कंपनी टीडीपीएल की भूमिका रही थी। सरकार ने जेपीएससी की 11वीं से 13वीं परीक्षा, जेपीएससी-सीजीएल, सीडीपीओ, एफएसओ और जेएसएससी-सीजीएल समेत अन्य परीक्षाओं से संबंधित नियुक्तियों को रद्द करने का निर्णय लिया था। सरकार के इस फैसले से प्रभावित नियुक्त अभ्यर्थियों और कर्मचारियों ने हाईकोर्ट का रुख किया। उनका कहना है कि नियुक्तियों को सामूहिक रूप से रद्द करने से उनके अधिकार और भविष्य प्रभावित हो रहे हैं। पिछली सुनवाइयों में हाईकोर्ट ने प्रार्थियों को अंतरिम राहत देते हुए सरकार के आदेश पर रोक लगाई थी।

Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Threads Copy Link

Related Posts

स्वच्छता ही सेवा–2026 के तहत नामकुम में विशेष स्वच्छता श्रमदान एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

October 1, 2026

जेसीआई एक्सपो उत्सव का आग़ाज़

October 1, 2026

मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित बैठक

October 1, 2026

✤ अभी-अभी

स्वच्छता ही सेवा–2026 के तहत नामकुम में विशेष स्वच्छता श्रमदान एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

October 1, 2026

जेसीआई एक्सपो उत्सव का आग़ाज़

October 1, 2026

मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित बैठक

October 1, 2026

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने आईसीएसई स्कूलों के लिए दो नई सीरीज लॉन्च की

September 30, 2026

सैकड़ों वृक्षों का हुआ वितरण, रांची नगर निगम की सराहनीय पहल में अर्थ फाउंडेशन का रहा सकारात्मक योगदान

September 30, 2026
✤ आज का राशिफल
Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram
© 2026 Avnpost. Designed by Launching Press.
  • Privacy Policy
  • Terms
  • Accessibility

Home

News

WhatsApp

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.