रांची : माननीय झालसा के निर्देश पर माननीय अध्यक्ष-सह-न्यायायुक्त, श्री अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में बुंडू प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत पी.पी.के. कॉलेज, बुंडू में बाल विवाह के खिलाफ 100 दिवसीय कार्रवाई के तहत, माननीय नालसा द्वारा संचालित आशा अभियान के तहत तीसरे दिन बाल विवाह के रोकथाम के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डिप्टी एलएडीसी कविता कुमारी खाती, पीएलवी डॉ अनिल कुमार वर्मा, सोनामनी देवी, रूकमनी देवी, प्रदुमन प्रमाणिक, सोहेब अंसारी, बिमला कुमारी, संध्या कुमारी, दिलखुश महतो एवं राजा वर्मा समेत अन्य लोग उपस्थित थे।
श्रीमति कविता कुमारी खाती ने कहा कि 18 साल से कम उम्र की लड़की और 21 साल से कम उम्र के लड़कों का विवाह बाल विवाह कहलाता है। इससे शिक्षा बाधित होती है, जिससे भविष्य अंधकारमय होता है। घरेलू हिंसा और दुर्व्यवहार का खतरा बढ़ जाता है। कम उम्र में गर्भावस्था और प्रसव से माँ और बच्चे दोनों को गंभीर स्वास्थ्य जोखिम होता है। आर्थिक रूप से पति पर निर्भरता।
आगे उन्होंने समाधान और रोकथाम पर फोकस करते हुए कहा कि जागरूकता बढ़ाना, लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देना, कानून का कड़ाई से पालन, और बाल संरक्षण सेवाओं (जैसे हेल्पलाइन 1098) का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। श्रीमति खाती ने टॉल फ्री नम्बर – 15100 की जानकारी भी दी। विधि के छात्र-छात्राओं के द्वारा डायन-प्रथा, बाल श्रम, बाल अपराध तथा घरेलू हिंसा के बारे में भी जानकारी दी।
पीएलवी डॉ अनिल कुमार वर्मा ने उपस्थित लोगों को सरकार द्वारा चलायी जा रही लाभकारी योजनओं के बारे में जानकारी दिये। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रखंड, पंचायत एवं अस्पतालों में पीएलवी नियुक्त है, आवश्यकता पड़ने पर आप मदद ले सकते है। ज्ञात हो कि डालसा के पीएलवी सोनामनी देवी ने उपस्थित लोगों को विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में जानकारी दी। रूममनी देवी एवं प्रदुमन प्रमाणिक ने लोक अदालत व मध्यस्थता के बारे में जानकारी दी। सोहेब अंसारी व बिमला कुमारी ने पीड़ित मुआवजा के बारे में भी जानकारी दी। संध्या कुमारी व दिलखुश महतो ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के बारे में जानकारी दी।
