रांची: भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) झारखंड ने केंद्रीय बजट 2026–27 का लाइव व्यूइंग सेशन आयोजित किया गया। प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों ने बजट पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं और इसे संतुलित, दूरदर्शी और विकासोन्मुखी बताया।
सीआईआई झारखंड राज्य परिषद के अध्यक्ष सुनील तिवारी ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 उद्योग जगत, विशेषकर एमएसएमई के लिए राहत देने वाला है। उन्होंने कहा कि सेवा क्षेत्र, कर सरलीकरण और अनुपालन में आसानी पर सरकार का फोकस सराहनीय है। पूंजीगत व्यय में 10–12 प्रतिशत की वृद्धि से बुनियादी ढांचे और निवेश को गति मिलेगी, जिसका सीधा लाभ झारखंड जैसे औद्योगिक राज्यों को होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता देना दीर्घकालिक विकास की मजबूत रणनीति है।
उपाध्यक्ष दिलू पारिख ने कहा कि बजट नीति-निर्माण में निरंतरता और स्थिरता को दर्शाता है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, डिजिटलीकरण, जोखिम आधारित कस्टम्स क्लीयरेंस और भरोसे पर आधारित शासन से निवेश वातावरण मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन, कौशल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सेवा क्षेत्रों पर दिया गया जोर भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है।
सीआईआई झारखंड आर्थिक मामले, वित्त एवं कराधान पैनल के संयोजक विकास मित्तल ने कहा कि बजट में सेमीकंडक्टर और स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो देश के दीर्घकालिक औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने एमएसएमई के लिए 2,000 करोड़ के आवंटन को सकारात्मक बताया, हालांकि स्टार्टअप्स के लिए और लक्षित सहायता की जरूरत पर भी बल दिया। पूर्व संयोजक अरुण प्रकाश ने कस्टम ड्यूटी के युक्तिकरण और डेटा सेंटर्स के लिए दीर्घकालिक प्रोत्साहनों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय पर लगातार जोर से जीडीपी और औद्योगिक विकास को मजबूती मिलेगी, हालांकि नवीकरणीय ऊर्जा पर और ठोस पहल की अपेक्षा थी।
