चान्हो : प्रखंड के सिनचिपी गांव में मंगलवार की रात अजिमुश्शान जलसा-ए-इस्लाहे मुआशरा व तामीर-ए-मस्जिद अक्सा का भव्य आयोजन किया गया। जलसे में क्षेत्र सहित दूर-दराज के इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। अक्सा की तामीर में सहयोग करने वाले लोगों की सराहना करते हुए हिन्दू-मुस्लिम एकता और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इंसानियत और मोहब्बत सबसे बड़ी ताकत है।
जलसे की सदारत हाजी अब्दुल कयूम कासमी ने की, जबकि नेजामत की जिम्मेदारी मोहम्मद सूफियान हैदर ने निभाई।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में हाजी अब्दुल कयूम कासमी ने कहा कि आज मुसलमानों को अपने दीन और मस्जिदों से जुड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि केवल मुसलमान कहलाना काफी नहीं है, बल्कि सच्चा मोमिन बनने के लिए दीन पर अमल करना आवश्यक है। मस्जिद अक्सा की तामीर में महिलाओं ने पेश की मिसाल: जलसे के दौरान मस्जिद अक्सा की तामीर के लिए सिनचिपी गांव की महिलाओं के योगदान की हर ओर चर्चा रही। हिन्दू-मुस्लिम एकता की दिखी खूबसूरत मिसाल: मस्जिद अक्सा की तामीर में हर वर्ग और समुदाय के लोगों ने सहयोग किया। इसी क्रम में जिला परिषद सदस्य आशुतोष तिवारी ने मस्जिद निर्माण के लिए एक पिलर की जिम्मेदारी लेते हुए 15 हजार रुपये नगद सहयोग राशि प्रदान की। उनके इस योगदान की उपस्थित लोगों ने सराहना की और इसे सामाजिक सौहार्द तथा भाईचारे की मिसाल बताया।
