तिरुमला । रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी निदेशक श्री अनंत अंबानी ने रविवार तड़के तिरुमला स्थित भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी के पवित्र धाम में दर्शन-पूजन कर अपनी गहरी आस्था और श्रद्धा का परिचय दिया।
श्री अनंत अंबानी रविवार तड़के लगभग 1 बजे तिरुमला पहुंचे। उन्होंने भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी के प्रति समर्पण और भक्ति के प्रतीक स्वरूप अपनी केश-समर्पण (मुंडन) की सदियों पुरानी परंपरा का पालन किया। यह परंपरा हर वर्ष मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं द्वारा निभाई जाती है।
उनकी यह यात्रा इस बात का संदेश भी देती है कि समय चाहे कितना भी बदल जाए, आस्था और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव सदैव बना रहता है।

प्रातः लगभग 3:30 बजे श्री अनंत अंबानी ने भगवान के जागरण से संबंधित पवित्र सुप्रभात सेवा में भाग लिया। दर्शन के उपरांत मंदिर के वैदिक विद्वानों ने उन्हें वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आशीर्वाद प्रदान किया। वहीं, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम् (टीटीडी) के कार्यकारी अधिकारी ने उन्हें मंदिर का पवित्र स्मृति-चिह्न एवं प्रसाद भेंट किया।
अपनी यात्रा के दौरान श्री अनंत अंबानी ने मंदिर की गोशाला का भी भ्रमण किया, जहां उन्होंने गौ-पूजन किया तथा मंदिर के हाथियों के साथ भी समय बिताया।
इसके बाद वे तिरुपति स्थित श्री पद्मावती अम्मावारी मंदिर पहुंचे और वहां माता के दर्शन-पूजन के उपरांत अपनी आध्यात्मिक यात्रा का समापन किया। वे सुबह लगभग 6:30 बजे तिरुपति से रवाना हुए।
श्री अनंत अंबानी की यह यात्रा भारत की आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनकी निरंतर आस्था एवं प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस दौरान देश के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक तिरुमला में आयोजित प्रातःकालीन धार्मिक अनुष्ठानों के हजारों श्रद्धालु साक्षी बने।
सब कुछ पाकर भी जो भगवान को चुनता है, वही सबसे धनवान है। जहाँ नाम, दौलत और शोहरत पीछे रह जाते हैं… वहाँ सिर्फ़ आस्था साथ चलती है. श्री वेंकटेश्वर स्वामी की कृपा बनी रहे। 🙏 अनंत अंबानी ने तिरुपति बालाजी के चरणों में अपने बाल समर्पित किए। आस्था से बड़ा कोई आभूषण नहीं। 🙏 अनंत अंबानी ने तिरुपति बालाजी के चरणों में अपने बाल समर्पित किए। दुनिया की सबसे बड़ी दौलत भी, भगवान के दरबार में सिर्फ़ श्रद्धा बन जाती है। 🙏 गोविंदा गोविंदा

