रांची : मध्यस्थता केंद्र, रांची में मध्यस्थता के माध्यम से वाद संख्या ओ. एम. 574/2025 को अधिवक्ता मध्यस्थ निलम शेखर व दोनों पक्षों के अधिवक्ता अपराजिता मिश्रा तथा प्रकाश रंजन की सुझबूझ से दो बैठक में समझौता संपन्न हुआ।
उक्त वाद में दोनों पति-पत्नी एक वर्ष से अलग- अलग रह रहे थे। इनकी एक पांच वर्षीय बेटी है, जो मां के साथ नानी के घर में रह रही थी। पत्नी ने पति के विरूद्ध 498ए कंपलैन केस – 38911/2025 माननीय न्यायालय में दायर किया था तथा लड़का के द्वारा आरा के न्यायालय में डायबोर्स के लिए मुकदमा दायर किया गया था। परंत मध्यस्थत श्रीमति नीलम शेखर की सुझबुझ तथा अथक प्रयास से मध्यस्थता के दौरान सारा वाद समाप्त करते हुए वैवाहिक जीवन पुनर्स्थापित हुआ।
ज्ञात हो कि उक्त वाद को मध्यस्थता हेतू मध्यस्थता केंद्र में मध्यस्थता के लिए भेजा गया था, जिसमें दो बैठक आयोजित किया गया, जिसमें काफी गहराई से बातचीत हुई, जिसके फलस्वरूप वादी-प्रतिवादी स्वेच्छा से राजी हुए कि एक साथ मिलजुल रहेंगे, आगे कलह नहीं करेंगे और अच्छी तरह से अपनी बेटी का भविष्य संवारेंगे। इस प्रकार एक घर बिखरने से बच गया।
उक्त वाद को सुलझाने में अधिवक्ता मध्यस्थ श्रीमति निलम शेखर व अधिवक्ता अपराजिता मिश्रा तथा प्रकाश रंजन का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
