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Home»स्वास्थय»पारस एचईसी हॉस्पिटल रांची में डॉक्टरों ने हाई-रिस्क हार्ट पेशेंट की जान बचाई
स्वास्थय

पारस एचईसी हॉस्पिटल रांची में डॉक्टरों ने हाई-रिस्क हार्ट पेशेंट की जान बचाई

Super_UserBy Super_UserDecember 12, 2025No Comments2 Mins Read
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रांची: पारस एचईसी हॉस्पिटल, रांची के कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. कुंवर अभिषेक आर्य और उनकी टीम ने 54 वर्षीय डायबिटिक और हार्ट मरीज की जान बचाई। मरीज को इमरजेंसी में गंभीर सांस फूलने, तेज़ छाती दर्द और बहुत कम ब्लड प्रेशर की स्थिति में हॉस्पिटल में लाया गया। हालत बिगड़ने के कारण मरीज को तुरंत वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया और आयनोट्रोपिक दवाओं तथा अन्य लाइफ-सपोर्ट उपायों के साथ सीसीयू में शिफ्ट किया गया। हिस्ट्री में पता चला कि दो महीने पहले मरीज के तीनों कोरोनरी आर्टरी में स्टेंट लगाए गए थे। लेकिन हाल के एंजियोग्राफी में यह सामने आया कि उन स्टेंटों में से दो 99 प्रतिशत तक बंद हो चुके थे, तीसरा स्टेंट 40–50 प्रतिशत अवरुद्ध था और हार्ट की मुख्य धमनी लेफ्ट मैन आर्टरी में 60–70 प्रतिशत ब्लॉकेज पाया गया। मरीज हार्ट फेलियर और कार्डियोजेनिक शॉक की अवस्था में था और उसका हार्ट केवल 20–25 प्रतिशत ईएफ पर काम कर रहा था, जिससे स्थिति अत्यधिक जोखिमपूर्ण बन गई। जीवन बचाने के लिए तत्काल इंटरवेंशन ही एकमात्र विकल्प था।
डॉ. कुंवर अभिषेक आर्य ने हाई फ्लो ऑक्सीजन और आयनोट्रोप सपोर्ट के बीच मरीज को ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर आई.वी.यू.एस गाइडेड लेफ्ट मैन बाईफर्केशन स्टेंटिंग किया, जो कार्डियोलॉजी की सबसे जटिल और हाई-रिस्क प्रक्रियाओं में से एक मानी जाती है। प्रक्रिया पूरी तरह सफल रही और मरीज की तबीयत तेजी से सुधरने लगी। मात्र दो दिनों में उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। तीन महीने बाद फॉलो-अप में मरीज का इजेक्शन फ्रैक्शन बढ़कर लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच गया है और वह सामान्य जीवन जी रहा है।
डॉ. कुंवर अभिषेक आर्य ने कहा कि समय पर निर्णय, उन्नत तकनीक और टीम की कुशलता ने इस हाई-रिस्क केस को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पारस एचईसी हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि हमारी कार्डियोलॉजी टीम ने जिस प्रकार इतने गंभीर और हाई-रिस्क मरीज को सफलतापूर्वक उपचार प्रदान किया, वह हमारे अस्पताल की क्लिनिकल स्ट्रेंथ और उन्नत सुविधाओं का प्रमाण है। पारस एचईसी हॉस्पिटल का लक्ष्य हर मरीज को समय पर, सुरक्षित और उच्च-स्तरीय उपचार उपलब्ध कराना है।

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