घाटशिला/मुसाबनी। घाटशिला: घाटशिला उपचुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों का चुनाव प्रचार तेज हो गया है. इसी क्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घाटशिला अनुमंडल के मुसाबनी प्रखंड अंतर्गत कुईलीसुता गांव के मार्शल मैदान में झामुमो प्रत्याशी के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित किया. सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हमेशा से ही विपक्ष के लोग दलित, आदिवासी को दबाने का काम करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन पर भी गलत आरोप लगाकर जेल में बंद कर दिया था, इसके बाद हमने चाचा चंपाई सोरेन को मुख्यमंत्री बनाया लेकिन आज वे झारखंड मुक्ति मोर्चा से हटकर बीजेपी में चले गए. किसी के जाने से झारखंड मुक्ति मोर्चा को कोई फर्क नहीं पड़ता है. स्वर्गीय रामदास सोरेन घाटशिला विधानसभा के लोगों के लिए हमेशा बेहतर सोच रखते थे, चाहे वह रोजगार का क्षेत्र हो या शिक्षा का क्षेत्र या फिर स्वास्थ्य का क्षेत्र, वे सभी मुद्दों को लेकर मुझसे मिलने आते थे और कहते थे कि घाटशिला को मुझे बेहतर घाटशिला बनाना है. इसके लिए आपका साथ जरूरी है, इसीलिए मैंने उन्हें कहा कि मैं आपको ट्राइबल यूनिवर्सिटी और इंजीनियरिंग कॉलेज देता हूं. कहा कि ट्राइबल यूनिवर्सिटी घाटशिला प्रखंड में ही बनेगी और इंजीनियरिंग कॉलेज मुसाबनी प्रखंड में, यहां के बच्चे भी बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे. सीएम ने रामदास सोरेन को लेकर कहा कि उनका समय से पहले जाना हम सभी के लिए पीड़ादायक रहा है. हमें विश्वास है घाटशिला की जनता स्वर्गीय रामदास सोरेन के बेहतर कार्य के लिए अब उनके बेटे सोमेश चंद्र सोरेन को भारी मतों से विजय बनाएगी. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर सीधा निशाना साधते हुए चुनाव को गरीब-गुरबा और व्यापारियों के बीच की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि पिछली बार रामदास सोरेन ने 22 हजार वोटों से जीत दर्ज की थी. इस बार जनता ऐसा मतदान करें कि विरोधियों की जमानत भी जब्त हो जाए. उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोग गुमराह करेंगे, लेकिन यह चुनाव आदिवासियों और मूलवासियों के अधिकार का चुनाव है. मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे 11 नवंबर को सचेत होकर मतदान करें और तीर-धनुष पर ऐसा बटन दबाएं कि आवाज दिल्ली तक पहुंचे. उन्होंने कहा कि लोग पूछते हैं हमने सोमेश को मंत्री क्यों नहीं बनाया. हमें पता है कब मंत्री बनाना है. हम आने वाली पीढ़ी को तैयार कर रहे हैं. कुछ लोग सोमेश को अनुभवहीन बता रहे हैं, लेकिन वे कोरा कागज हैं- जो लिखा जाएगा, वही बनेगा. उन्होंने जनता से अपील की कि वे बेफिक्र होकर सोमेश सोरेन को वोट दें. यह वोट स्वर्गीय रामदास सोरेन और दिशोम गुरु शिबू सोरेन को सच्ची श्रद्धांजलि होगी. कहा, ‘झारखंड मुक्ति मोर्चा का कर्तव्य और हमारा दायित्व क्या है। यह व्यापारियों की पार्टी नहीं है, न ही व्यापारियों का जमात। यह आदिवासी, दलित, गरीब, पिछड़े, किसान, मजदूर और यहां के मूलवासी व आदिवासियों की पार्टी है। नौजवान साथी सोमेश सोरेन इसका सहयोगी बनेगा। उन्होंने कहा कि सोमेश सोरेन को सिर्फ आज के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए तैयार किया जा रहा है, ताकि वह 24 घंटे जनता की सेवा में उपलब्ध रहे।
