पटना। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सोमवार को सहरसा जिले के सोनबरसा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि बिहार में मतदाता सूची से 65 लाख लोगों का नाम काट दिया गया है, जो न केवल उनके मताधिकार का हनन है, बल्कि सीधे तौर पर उनकी नागरिकता छीनने जैसा गंभीर कदम है। निर्धारित समय से करीब डेढ़ घंटे की देरी से सभास्थल पहुंची प्रियंका गांधी ने अपने 25 मिनट के भाषण के दौरान राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव या तेजस्वी यादव का नाम नहीं लिया, बल्कि सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को निशाने पर रखा। प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर बिहार की चुनी हुई सरकार को अपमानित करने और केंद्र से ही शासन चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों से बिहार की चुनी हुई सरकार को प्रधानमंत्री और गृहमंत्री चला रहे हैं। जब आपकी चुनी हुई सरकार को केंद्र से सम्मान नहीं मिलता, तो जनता का सम्मान कैसे बचेगा? कांग्रेस नेता ने केंद्र पर हमलावर होते हुए एक तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को ‘अपमान मंत्रालय’ स्थापित करना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को हर मुद्दे पर दोषी ठहराकर उनका अपमान करने में अपना समय बर्बाद करते हैं। प्रियंका ने कहा कि यदि यह मंत्रालय बना दिया जाए, तो प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को राष्ट्र निर्माण और देश के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का समय मिल सकेगा। सभा में प्रियंका गांधी ने महागठबंधन के चुनावी घोषणा पत्र की प्रमुख बातों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने क्षेत्र की जनता से कांग्रेस प्रत्याशी सरिता पासवान के पक्ष में मतदान करने की अपील की।
