रांची : ऑल इंडिया मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजिस्ट्स एसोसिएशन (एआईएमएलटीए) की केंद्रीय कार्यकारिणी समिति (सीएसी) की दो दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस का रविवार को रांची के बरियातू स्थित हील ट्रीट होटल में सफलतापूर्वक समापन हो गया। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने मेडिकल लेबोरेटरी क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
बैठक के दौरान संगठन की परीक्षा प्रणाली, पाठ्यक्रम, शैक्षणिक नीतियों, संगठन विस्तार, लैब टेक्नीशियनों की व्यावसायिक चुनौतियों तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार जैसे विषयों पर चर्चा की गई। प्रतिनिधियों ने आधुनिक तकनीकों और नवीन डायग्नोस्टिक प्रणालियों के प्रति मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजिस्टों को जागरूक करने तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीतियों पर भी मंथन किया। एआईएमएलटीए के महासचिव एवं कार्यक्रम समन्वयक देवेंद्र प्रसाद ने कहा कि केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक वर्ष में दो बार आयोजित की जाती है, जिसमें देशभर के प्रतिनिधि अपने-अपने राज्यों की समस्याओं और सुझावों को साझा करते हैं। उन्होंने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य मरीजों तक कम से कम त्रुटि के साथ गुणवत्तापूर्ण जांच रिपोर्ट पहुंचाना तथा लैब टेक्नीशियनों से जुड़ी समस्याओं को सरकार के समक्ष रखकर उनका समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि बैठक में लैब टेक्नीशियन पाठ्यक्रम की संरचना और स्वास्थ्य क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने के उपायों पर भी चर्चा की गई। एआईएमएलटीए झारखंड इकाई के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार सिन्हा ने कहा कि झारखंड के मेडिकल लेबोरेटरी कर्मचारियों से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दे बैठक में उठाए गए। उन्होंने स्थायी लैब टेक्नीशियनों को 4200 ग्रेड पे प्रदान करने की मांग को प्रमुखता से रखते हुए कहा कि केंद्रीय कार्यकारिणी समिति ने इस दिशा में सकारात्मक पहल और समाधान का आश्वासन दिया है। केंद्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य नवीन कुमार गुप्ता ने कहा कि सम्मेलन में देशभर के लैब टेक्नीशियनों की समस्याओं के समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। उन्होंने कहा कि संगठन तकनीकी शिक्षा, पेशेवर दक्षता और रोजगार संबंधी मुद्दों पर निरंतर कार्य कर रहा है। सम्मेलन का संचालन राष्ट्रीय अध्यक्ष गोविंद त्रिपाठी के नेतृत्व में किया गया, जबकि उपाध्यक्ष डिवीजन बी. के. निर्मला एवं कोषाध्यक्ष शमशेर सिंह ने कार्यक्रम के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी निभाई। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मनीषा किरण उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में मेडिकल लेबोरेटरी तकनीकी क्षेत्र में कौशल विकास, गुणवत्ता सुधार और तकनीकी उन्नयन की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में एआईएमएलटीए के उपाध्यक्ष रामाशीष सिंह, झारखंड इकाई के अध्यक्ष विनय कुमार सिन्हा, कमलेश कुमार, नवीन कुमार गुप्ता, मंटू नाग, राजीव रंजन सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए अनेक पदाधिकारी, प्रतिनिधि और मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजिस्ट उपस्थित रहे। सम्मेलन के समापन के साथ ही संगठन ने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने तथा मेडिकल लेबोरेटरी पेशेवरों के हितों की रक्षा के लिए देशव्यापी स्तर पर अपनी गतिविधियों को और तेज करने का संकल्प लिया।
