रांची।18 सितंबर। जननायक राहुल गांधी के खुलासे से साबित हो गया कि देश के चुनावों में संगठित तरीके से दलित, आदिवासी,पिछड़े वर्ग के मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से हटाया गया। वोट चोरी करने वाले गिरोह का निशाना दलित आदिवासी और पिछड़ा समुदाय है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने वोट चोरी के खिलाफ चलाए जाने वाले हस्ताक्षर अभियान के पोस्टर लॉन्चिंग के अवसर पर कहा की वोट चोरी के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है।इसी क्रम में 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक झारखंड में भी पंचायत स्तर तक अभियान चलाया जाएगा जिसमें चुनाव आयोग की वोट चोरी में भूमिका और यह किसके इशारे पर किया जा रहा है उससे जनता को अवगत कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र वोट की शक्ति पर टिका है आज यही नींव खतरे में है, समुदायों को चुन-चुन कर निशाना बनाया जा रहा है। वोट चोरी आम जनता की आवाज और अधिकार की चोरी है।चुनाव आयोग देश की जनता के सामने मशीन रीडेबल मतदाता सूची फोटो सहित,हर चुनाव के पहले विलोपित और जोड़े गए मतदाताओं की सूची तस्वीर सहित सार्वजनिक जांच के लिए जारी करें। अंतिम समय पर नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया को रोका जाए,मतदाताओं के अधिकारों का दमन करने वाले अधिकारियों पर चुनाव आयोग कानूनी कार्रवाई करें।
उन्होंने कहा कि पहले महादेवपुरा और अब कर्नाटक के आलंद के खुलासे से देश की जनता निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया के प्रति सशंकित है। मुख्य चुनाव आयुक्त की अगुवाई में वोटो की चोरी हो रही है।चुनाव आयोग से जवाब मांगने पर भाजपा नेताओं में छटपटाहट होती है,वोट चोरी को छुपाने के लिए चुनाव आयोग के बदले भाजपा नेता बचकाना जवाब देते हैं। झारखंड में केंद्रीय मंत्री सरकार पर आरोप लगाने आते हैं,वोट चोरी के आरोप पर, राज्य के प्रति केंद्र के सौतेलेपन के व्यवहार पर सवाल पूछने पर चेहरा छुपाने लगते हैं।झारखंड में आने वाले प्रत्येक केंद्रीय मंत्री को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वोट की चोरी पर जवाब लेकर आना चाहिए ताकि जनता से नजर चुराने की बजाय उनके सवालों के जवाब दे सके।
