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Home»राज्य»झारखंड»पारस एचईसी अस्पताल, रांची में दुर्लभ नवजात बीमारी का सफल इलाज
झारखंड

पारस एचईसी अस्पताल, रांची में दुर्लभ नवजात बीमारी का सफल इलाज

avnpostBy avnpostMay 13, 2026No Comments2 Mins Read
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Ranchi: पारस हॉस्पिटल रांची के नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (NICU) में डॉ. निशांत पाठक और उनकी टीम ने एक अत्यंत दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु का सफल इलाज किया गया। यह बीमारी रेसेसिव डिस्ट्रॉफिक एपिडर्मोलाइसिस बुलोसा (RDEB) कहलाती है, जिसमें जन्म से ही बच्चे की त्वचा अत्यंत नाजुक होती है। हल्के स्पर्श या रगड़ से भी शरीर पर छाले और घाव बन जाते हैं। बच्चे के मुंह में भी घाव थे, जिससे दूध पीने में कठिनाई हो रही थी।
यह बीमारी अत्यंत दुर्लभ है और लगभग 20 से 50 लाख नवजात शिशुओं में से किसी एक में पाई जाती है। डॉक्टरों ने जन्म के तुरंत बाद बीमारी की आशंका पहचान ली और बच्चे की विशेष “जीरो-ट्रॉमा” देखभाल शुरू की। इलाज के दौरान बच्चे को अत्यंत सावधानी से संभाला गया ताकि त्वचा को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। साथ ही विशेष ड्रेसिंग, दर्द नियंत्रण, पोषण प्रबंधन और संक्रमण से बचाव पर लगातार ध्यान दिया गया। बाद में जीन संबंधी विशेष जांच (Whole Exome Sequencing) द्वारा बीमारी की पुष्टि हुई। लगातार निगरानी और विशेष उपचार के बाद बच्चे की स्थिति स्थिर हुई तथा उसे विस्तृत देखभाल योजना के साथ सुरक्षित रूप से अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉ. निशांत पाठक ने बताया कि ऐसी दुर्लभ बीमारियों में समय पर पहचान, सावधानीपूर्वक देखभाल और परिवार को सही परामर्श देना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ नीतेश कुमार ने कहा कि पारस एचईसी हॉस्पिटल में अत्याधुनिक नवजात आईसीयू, उन्नत जांच सुविधाएं और अनुभवी चिकित्सकीय टीम उपलब्ध है, जिससे जटिल से जटिल मामलों का समय पर और सटीक इलाज संभव हो पाता है।

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