नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संर्घष के बीच देशभर में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई शुरू कर दी गई है। वहीं, घरेलू रसोई गैस की सप्लाई में भी तेजी से सुधार हो रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने शनिवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में इसकी जानकारी दी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा कि 29 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई शुरू कर दी गई है। देश में एलपीजी की कोई किल्लत नहीं है। इसके पर्याप्त भंडार मौजूद है, लेकिन लोग अभी भी बड़े पैमाने पर पैनिक बुकिंग कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि पैनिक बुकिंग से बचें। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि शिवालिक’ और नंदा’ नाम के हमारे एलपीजी टैंकर इस समय रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज पास को पार कर चुके हैं और भारत की ओर आगे बढ़ रहे हैं। यह एक बड़ा ऊर्जा लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन है, क्योंकि ये दोनों पोत कुल मिलाकर 92,700 मीट्रिक टन गैस का बड़ा शिपमेंट लेकर आ रहे हैं। शर्मा ने कहा, कमर्शियल गैस सिलेंडरों के बारे में काफी चर्चा हुई है उसके बाद निर्णय यह लिया गया कि व्यावसायिक उपभोक्ता को कुछ एलपीजी दी जाए। इस संबंध में राज्य सरकार से भी बात हुई है…और 29 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में व्यावसायिक सिलेंडर का वितरण शुरू हो गया है और वो ग्राहक को मिल रहे है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) ने कहा, जहां तक कच्चे तेल और रिफाइनरियों का सवाल है, हमारे पास कच्चे तेल की पर्याप्त आपूर्ति है, और हमारी रिफाइनरी भी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। खुदरा दुकानों पर स्टॉक खत्म होने की कोई भी घटना सामने नहीं आई है। पेट्रोल-डीजल भरपूर मात्रा में उपलब्ध हैं।
सुजाता शर्मा ने कहा कि हम अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए घरेलू स्तर पर पर्याप्त पेट्रोल और डीजल का उत्पादन करते हैं, इसलिए हमें आयात करने की कोई ज़रूरत नहीं है। जहां तक प्राकृतिक गैस का सवाल है कल मैंने आपका ध्यान सरकार के इस उद्देश्य की ओर दिलाया था जहां भी व्यावसायिक उपभोक्ताओं को अपनी एलपीजी की आपूर्ति में कठिनाइयों या रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें पीएनजी के कनेक्शनों पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए।
