- विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय में कोऑर्डिनेशन(समन्वय) की घोर कमी के कारण छात्र छात्राएं हो रहे हैं परेशान: अभिषेक शुक्ला
- रांची विश्वविद्यालय का परीक्षा विभाग फेल : अबुआ अधिकार मंच।
रांची। आज दिन सोमवार को अबुआ अधिकार मंच के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं समेत अबुआ अधिकार मंच के रांची विश्वविद्यालय संयोजक अभिषेक शुक्ला के नेतृत्व में रांची विश्वविद्यालय के कुल सचिव से मुलाकात कर उन्हें छात्र-छात्राओं की परेशानियों से अवगत कराया मौके पर मजूद अभिषेक शुक्ला ने कहा के रांची विश्वविद्यालय अंतर्गत स्नातक सत्र 2022–26 के सेमेस्टर-5 के छात्र-छात्राएं को फॉर्म भरने की समस्या को लेकर परेशानियों का सामना करना पर रहा हैं। शुक्ला ने कहा के विश्वविद्यालय द्वारा बिना विलंब शुल्क के परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 16 सितंबर 2025 निर्धारित की गई है, लेकिन इस बीच अधिकांश विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों की समन्वय की कमी के कारण छात्रों में असमंजस और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
कई महाविद्यालयों द्वारा अब तक परीक्षा के अंकों (Marks) को विश्वविद्यालय पोर्टल पर अपलोड ही नहीं किया गया है।कुछ महाविद्यालयों में अब तक मिड-सेमेस्टर परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी है, जिसके कारण छात्रों के परिणाम अधूरे हैं।इस परिस्थिति में छात्रों के सामने यह संकट है कि यदि वे अंतिम तिथि तक फॉर्म भरते हैं, तो उन्हें बिना किसी गलती के लेट फाइन देना पड़ेगा जो छात्र-छात्राओं के हित में कहीं से उचित नहीं है। अभिषेक शुक्ला के नेतृत्व मे पहुंचे छात्र-छात्राओं ने मांग रखी कि परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि को कम से कम एक सप्ताह तक बढ़ाया जाए और इसे बिना लेट फाइन के किया जाए, ताकि सभी छात्र-छात्राओं को न्याय मिल सके।
मौके पर मौजूद रांची विश्वविद्यालय के कुलसचिव गुरुचरण साहू ने परीक्षा नियंत्रक से फ़ोन पर बात कर उन्हें छात्र-छात्राओं के इस समस्या से अवगत कराया परीक्षा नियंत्रक ने भरोसा दिलाया के कुलपति के सामने इस मामले को रखकर फॉर्म भरने की तिथि को आगे बढ़ा दिया जाएगा या पोर्टल सभी छात्र-छात्राओं के लिए खोल दिया जाएगा जिससे कि छात्र-छात्राओं को फॉर्म भरने में कोई समस्या ना हो।
मंच के सदस्यो ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इस मामले में कोई ठोस और त्वरित कदम नहीं उठाया गया, तो मंच छात्र-हित में आंदोलन, विरोध-प्रदर्शन और तालाबंदी करने को बाध्य होगा।
ज्ञापन सौपने वाले में मुख्य रूप से:, विक्रम यादव, बिपिन यादव,विशाल कुमार यादव,अमित तिर्की, ऋषि नायक, अनुज कुमार सिंह, गौतम राणा, के अलावा कई अन्य सदस्य मजूद थे।