Ranchi: आदिवासी कुडमी समाज के बैनर तले कुड़मी जनजाति को एसटी की सूची में सूचीबद्ध करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन रेल टेका आंदोलन जारी है , झारखंड राज्य के राँची जिला में – मुरी रेलवे स्टेशन में पूर्व उप मुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो शामिल हुए , राय रेलवे स्टेशन, टाटीसिल्वे रेलवे स्टेशन, मेसरा रेलवे स्टेशन
रामगढ़ जिला – बरकाकाना रेलवे स्टेशन में बड़कागाँव के विधायक रोशन लाल चौधरी, रामगढ़ के पूर्व विधायक सुनीता चौधरी शामिल हुए ,
हजारीबाग जिला – चरही रेलवे स्टेशन में मांडू के विधायक निर्मल महतो शामिल हुए
बोकारो जिला – चंद्रपुरा रेलवे स्टेशन, जगेश्वर विहार रेलवे स्टेशन में गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, गोमिया के पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो शामिल हुए
गिरिडीह जिला – पारसनाथ रेलवे स्टेशन में डुमरी के विधायक जयराम कुमार महतो, बगोदर के विधायक नागेंद्र महतो शामिल हुए
धनबाद जिला – प्रधानखांटा रेलवे स्टेशन
सरायकेला खरसावां जिला – गम्हरिया रेलवे स्टेशन, सीनी रेलवे स्टेशन, हेंसालोंग रेलवे स्टेशन
पूर्वी सिंहभूम जिला – गालूडीह रेलवे स्टेशन , पश्चिमी सिंहभूम जिला – सोनुआ रेलवे स्टेशन
जामताडा जिला – जामताडा रेलवे स्टेशन
गोड्डा जिला – गोड्डा रेलवे स्टेशन
पश्चिम बंगाल राज्य से : पुरुलिया जिला – कोटशिला रेलवे स्टेशन में जहाँ लाठीचार्ज भी हुआ है!
ओडिशा राज्य से : मयूरभंज जिला के भंजपुर रेलवे स्टेशन जिसमें डीजीपी के आश्वासन पर आंदोलन को समाप्त कर दिया गया है यह जानकारी कुडमी नेता ओम प्रकाश महतो ने दी ! उन्होंने बताया कि जबतक कुडमी को एसटी की सूची में शामिल नही किया जाता है तब तक रेल टेका आंदोलन जारी रहेगा! विदित हो कि 1885-91 में एच. एच. रिजले द्वारा किए गए फर्स्ट एंथ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया इन बंगाल में कुड़मि को एक ट्राइब (जनजाति) के रूप में पहचाना गया है। 1913 में कुड़मि को ट्राइब के रूप में मान्यता प्राप्त होने के कारण इंडियन सक्सेशन एक्ट 1865 से मुक्त रखा है , जो आज भी बरकरार है। सन् 1931 में जो जनजाति, प्रिमिटिव ट्राइब की सूची में शामिल थी, उन्हें 6 सितंबर 1950 को बनी एसटी सूची में शामिल किया गया है, लेकिन एक साजिश के तहत 1931 में कुडमी प्रिमिटिव ट्राइब की सूची में शामिल रहने के बावजूद एसटी में शामिल नहीं किया गया, तब से लेकर आज तक कुडमी समाज लगातार आंदोलन कर रहा है ।
