रांची। झारखंड की राजधानी रांची के कांके में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) में मंगलवार को सामाजिक संस्था समर्पण चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से पांच दिवसीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला की शुरुआत की।
कार्यशाला में पहले दिन 10वीं और 12वीं कक्षा की सैकड़ों छात्राएं शामिल हुईं। विद्यालय के कंप्यूटर शिक्षक सतीश नायक ने सभी छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की विस्तृत जानकारी दी। एआई के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से छात्राओं में तकनीकी ज्ञान बढ़ेगा। वे आधुनिक तकनीक के प्रति अधिक जागरूक व सशक्त बनेंगी। छात्राओं को वास्तविक जीवन में एआई के सरल उपयोग, इसके प्रकार और अनुप्रयोगों के साथ-साथ मशीनों द्वारा मानव भाषा को समझने और प्रतिक्रिया देने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई।
कार्यशाला में एआई की सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं पर चर्चा हुई, जिसमें छात्राओं को बताया गया कि यह तकनीक मशीनों को इंसानों की तरह सोचने, सीखने और समस्याओं का समाधान करने में सक्षम बनाती है। विशाल डेटा का विश्लेषण करके यह पैटर्न पहचानती है और भविष्यवाणी करती है, जिससे मशीनें स्वतः निर्णय ले सकती हैं। छात्राओं को यह भी बताया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एआई उपयोगकर्ताओं की रुचि के नमूनों (पैटर्न) को पहचानकर विज्ञापन और सामग्री प्रस्तुत करता है, जो कभी-कभी निजी डेटा सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकता है। कार्यशाला में विद्यालय की प्राचार्या अंजली गांगुली, ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी आनंद केडिया, उमेश केडिया, स्मिता केडिया, रिलेशंस के निदेशक आशुतोष द्विवेदी, रंगकर्मी ऋषिकेश लाल और रेशमा परवीन समेत कई बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्राएं मौजूद थे।
