अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई घोषणा के बाद, H1B वीज़ा धारकों में हड़कंप मच गया है। खासकर, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियां किसी भी अनिश्चितता से बचने के लिए अपने कर्मचारियों को आपातकालीन निर्देश जारी कर रही हैं।
मेटा और माइक्रोसॉफ्ट ने अपने H1B वीज़ा धारकों से अगले 14 दिनों तक अमेरिका से बाहर यात्रा न करने को कहा है। कंपनियों के अनुसार, इस दौरान किसी भी विदेश यात्रा से लौटने में कठिनाई होने की संभावना है, इसलिए कर्मचारी इस प्रतिबंध को अनिवार्य समझें।
सूत्रों के अनुसार, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट ने ईमेल के ज़रिए अपने उन कर्मचारियों को, जो पहले से ही अमेरिका से बाहर हैं, 24 घंटे के भीतर वापस लौटने का निर्देश दिया है। यह H1B वीज़ा धारकों के लिए एक असामान्य और ज़रूरी अपील है, जो कंपनियों ने अमेरिकी सरकार के नए फैसले के तत्काल लागू होने से पहले की है।
अमेज़न ने भी इस संबंध में अपने कर्मचारियों को एक नोटिस जारी किया है और कहा है कि मौजूदा हालात में H1B वीज़ा धारकों को अमेरिका में ही रहना चाहिए। कंपनियों का कहना है कि कर्मचारियों के हितों और कानूनी ज़रूरतों को देखते हुए यह कदम ज़रूरी है। न्यूयॉर्क के जाने-माने इमिग्रेशन वकील साइरस मेहता ने चेतावनी दी है कि जो एच-1बी वीज़ा धारक इस समय विदेश में हैं, अगर वे 21 सितंबर की मध्यरात्रि से पहले अमेरिका नहीं लौटते हैं, तो उन्हें लंबे समय तक मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि भारत से सीधी उड़ानों के ज़रिए समय पर अमेरिका पहुँचना लगभग नामुमकिन हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों के लिए कैलिफ़ोर्निया पहुँचना संभव है।
यह स्थिति भारतीय कर्मचारियों के लिए ख़ास तौर पर चिंताजनक है, क्योंकि इनमें से बड़ी संख्या तकनीकी क्षेत्र में कार्यरत है। मेटा, माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न जैसी बड़ी कंपनियाँ अपने कई विदेशी विशेषज्ञों पर निर्भर हैं और इनमें सबसे बड़ी संख्या भारतीय कर्मचारियों की है। कंपनियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ऐसे कर्मचारियों को प्राथमिकता दे रही हैं जो निर्देशों के लागू होने से पहले अमेरिका लौट आएँ।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने एच1बी वीज़ा शुल्क बढ़ा दिया है और नए आवेदनों के लिए शुल्क 1,00,000 डॉलर (करीब 80 लाख रुपये) तय कर दिया है। यह आदेश 21 सितंबर से लागू होगा और शुरुआत में एक साल तक जारी रहेगा। कंपनियों का कहना है कि इस फैसले के लागू होने के बाद, विदेशी कर्मचारियों की तत्काल वापसी अनिवार्य है ताकि वीज़ा की कानूनी स्थिति प्रभावित न हो।
टेक्नोलॉजी क्षेत्र में काम करने वाले हज़ारों H1B वीज़ा धारकों ने अपनी छुट्टियाँ या व्यावसायिक यात्राएँ रद्द करनी शुरू कर दी हैं और मौजूदा हालात में, वे समय पर लौटने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। कंपनियों द्वारा उठाए गए इन आपातकालीन कदमों को कर्मचारियों की सुरक्षा और कानूनी पेचीदगियों से बचने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
इस बीच, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट ने अमेरिका से बाहर रहने वाले सभी कर्मचारियों को एक ईमेल भेजा है। इसमें सभी से 24 घंटे के भीतर अमेरिका लौटने की अपील की गई है। साथ ही, H1B वीज़ा धारकों से 14 दिनों तक देश न छोड़ने का आग्रह किया गया है। ईमेल में विदेशी कर्मचारियों के लिए एक नोटिस जारी किया गया है।
मेटा ने H1B और H1C-4 वीज़ा धारकों से 24 घंटे के भीतर अमेरिका लौटने को कहा है। इस बीच, माइक्रोसॉफ्ट ने कहा है कि कंपनी के H1B वीज़ा धारक 14 दिनों तक देश न छोड़ें, वरना उन्हें लौटने में परेशानी हो सकती है।
