Ranchi: आज के समय जब पूरा विश्व आंतरिक युद्ध में फंसा हुआ है तब महात्मा बुद्ध के विचार और उनके उपदेश की प्रासंगिकता बढ़ जाती है, उन्होंने कहा था कि शांति और विचार से ही लोगों को बदला जा सकता है, ये विचार डॉ महुआ मांझी (राज्य सभा सांसद) ने बुद्ध स्मृति भवन ट्रस्ट द्वारा बुद्ध जयंती समारोह विचार गोष्ठी सह पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में बोल रही थी। यह कार्यक्रम बुद्ध स्मृति भवन (कुशवाहा धर्मशाला), चुटिया में मनाया गया । उन्होंने कहा कि बुद्ध स्मृति भवन ट्रस्ट द्वारा आयोजित विचारगोष्ठी एवं अंतर्विद्यालय भाषण सह चित्रांकन प्रतियोगिता रांची में आप लोग ही कराते हैं ये समाज के लिए सराहनीय है। आज बुद्ध स्मृति भवन द्वारा निर्मित चार नए कमरों का उद्घाटन डॉ महुआ माजी जी के कर कमलों द्वारा किया गया, जिसमें सभी ट्रस्टी और अतिथि शामिल थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष गिरधारी महतो ने किया । पूरे कार्यक्रम का संचालन ट्रस्ट के सचिव अरविंद कुमार ने किया , विषय प्रवेश कोषाध्यक्ष सूरज महतो स्वागत भाषण महावीर कुशवाहा द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत एच एम पब्लिक स्कूल की बालिकाओं द्वारा महात्मा बुद्ध पर आधारित गीतों में स्वागत नृत्य किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ रिझु नायक प्रोफेसर नागपुरी जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग रांची विश्वविद्यालय थे उन्होंने लोगों को बदलने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि उनके उपदेशों पर तभी अमल कर सकते हैं जब हम अपने आप को बदलते हैं। झारखंड आंदोलनकारी सह केंद्रीय सचिव JMM और राज्य पिछड़ा आयोग के सदस्य नंद किशोर मेहता जी भी अपने विचार दिए। इस अवसर पर अंतर्विद्यालय भाषण प्रतियोगिता में हिंदी भाषा में दो समूह और अंग्रेजी भाषा में दो समूह बनाया गया था । समूह अ का विषय गौतम बुद्ध के उपदेशों में विश्व शांति के संदेश एवं उसका महत्व और समूह बी का विषय भारत एवं अन्य देशों में बौद्ध धर्म का विकास और प्रचार था जबकि चित्रांकन प्रतियोगिता में गौतम बुद्ध के उपदेशों पर आधारित चित्र बनाना था। इस प्रतियोगिता में कई स्कूल के छात्र छात्रा भाग लिए ।
