संस्कार भोज आज उमड़ेगा जनसैलाब, तैयारी पूरी
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, 10 हजार से अधिक जवान तैनात
13 सुपर जोन में बंटा नेमरा
नेमरा/रामगढ़: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दिवंगत मां रूपी सोरेन का दशकर्म शनिवार को रामगढ़ जिले के पैतृक गांव नेमरा में हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री ने परिजनों के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं विधि-विधान के अनुरूप धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्रद्धापूर्वक भोजन परोसने की पारंपरिक रस्म निभाई और अपनी दिवंगत माता का भावपूर्ण स्मरण कर उन्हें नमन किया। वहीं, रविवार को संस्कार भोज का आयोजन किया जाएगा। दोनों कार्यक्रमों को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था की है। आम लोगों के वाहनों के लिए नेमरा से करीब पांच किलोमीटर पहले लुकैयाटांड़ में तीन पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। यहां से लोग टोटो और ऑटो से गांव पहुंच सकेंगे। इसके लिए 250 से 300 टोटो-ऑटो की व्यवस्था की गई है। मंत्री, विधायक और अन्य वीआईपी के वाहनों के लिए धुमकुड़िया और मोबाइल टावर के पास अलग-अलग पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। आंगनबाड़ी केंद्र और हेलीपैड को भी घेर दिया गया है। हेलीपैड पर अग्निशमन वाहन तैनात रहेंगे। संस्कार भोज और दुर्गापूजा के दौरान सुरक्षा की बड़ी चुनौती है। इसे देखते हुए 10 हजार से अधिक जवानों को तैनात किया गया है। साथ ही आईएएस और एसएएस अधिकारियों को दंडाधिकारी बनाया गया है। नेमरा में रविवार के संस्कार भोज से लेकर 19 अक्टूबर की सुबह तक विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी।पूरे क्षेत्र को 13 सुपर जोन और 42 सब-जोन में बांटा गया है। हर सुपर जोन की जिम्मेदारी एक आईपीएस अधिकारी को दी गई है। वहीं, सब-जोन की कमान डीएसपी स्तर के अधिकारियों के पास होगी। नेमरा में एटीएस की दो हिट टीमें, झारखंड जगुआर के पांच असाल्ट ग्रुप के 135 जवान और रैपिड एक्शन पुलिस की दो कंपनियां तैनात रहेंगी। इसके अलावा 60 इंस्पेक्टर, 300 दारोगा और एएसआई, 1365 लाठी बल तथा 140 ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी सुरक्षा संभालेंगे।
मुख्यमंत्री ने सुनीं लोगों की समस्याएं
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पैतृक आवास नेमरा में बेटे के दायित्व के साथ राजकाज का काम भी कर रहे हैं। वे लोगों से भी मिल रहे हैं। उनसे उनकी परेशानी भी सुन रहे हैं। मुख्यमंत्री आवास से करीब 200 मीटर पहले लोगों के लिए बड़ा पंडाल बनाया गया है। मुख्यमंत्री घरेलू कार्यों और अनुष्ठानों से समय निकालकर यहां पहुंच रहे हैं। वे ग्रामीणों से सीधे संवाद कर रहे हैं। उनकी शिकायतें सुन रहे हैं।
