रांची । राष्ट्रव्यापी “स्वच्छता ही सेवा–2026” अभियान के अंतर्गत निदेशालय, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), झारखंड द्वारा आज रांची जिले के नामकुम प्रखंड में विशेष स्वच्छता श्रमदान एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा देना, प्लास्टिक के उपयोग को कम करना, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता को जन-अभियान के रूप में आगे बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम में माननीय विभागीय मंत्री जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों, स्वच्छता कर्मियों एवं आम नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपने घर, गांव एवं आसपास के सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने तथा स्वच्छता को दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
माननीय मंत्री जी ने विशेष रूप से एकल-उपयोग प्लास्टिक (Single-Use Plastic) के उपयोग को कम करने तथा इसके स्थान पर कपड़े के थैले को अपनाने पर जोर दिया। इसी संदेश को व्यवहार में लाने के उद्देश्य से कार्यक्रम के दौरान आम नागरिकों के बीच कपड़े के थैलों का वितरण किया गया।
मंत्री जी ने लोगों को प्रेरित करते हुए कहा कि छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के माध्यम से प्लास्टिक प्रदूषण को कम किया जा सकता है। “कपड़े का थैला अपनाएं, प्लास्टिक का उपयोग घटाएं” का संदेश कार्यक्रम के माध्यम से आमजन तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम के दौरान माननीय मंत्री जी ने स्वयं स्वच्छता श्रमदान में भाग लिया तथा कार्यक्रम स्थल एवं आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की। उनके साथ उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मियों एवं स्थानीय नागरिकों ने भी श्रमदान कर स्वच्छता के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की।
स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जोड़ते हुए कार्यक्रम में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधारोपण भी किया गया। माननीय मंत्री जी एवं उपस्थित पदाधिकारियों द्वारा पौधारोपण कर लोगों को हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।
इसके साथ ही गुब्बारे उड़ाकर स्वच्छता एवं जन-जागरूकता के संदेश को प्रतीकात्मक रूप से प्रसारित किया गया। कार्यक्रम में स्वच्छता शपथ, सेल्फी प्वाइंट एवं अन्य जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के विभागीय सचिव श्री अबु इमरान ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने स्वच्छता को निरंतर जन-अभियान के रूप में आगे बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन (SLWM) को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था को टिकाऊ बनाने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपने स्तर पर स्वच्छता बनाए रखने, कचरे का उचित प्रबंधन करने तथा प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग को कम करने की अपील की।
कार्यक्रम में मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), श्रीमती रंजीता हेम्ब्रम ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने स्वच्छता ही सेवा अभियान को केवल एक कार्यक्रम न मानकर इसे निरंतर जनभागीदारी एवं व्यवहार परिवर्तन का अभियान बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने लोगों से अपील की कि स्वच्छता की शुरुआत अपने घर और अपने आसपास से करते हुए इसे गांव एवं पंचायत स्तर तक एक सामूहिक प्रयास के रूप में आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से कचरे को इधर-उधर न फेंकने, गीले एवं सूखे कचरे के उचित प्रबंधन, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा स्वच्छता कर्मियों के प्रति सम्मान का संदेश दिया।
मिशन निदेशक ने कहा कि स्वच्छता अभियान की सफलता तभी सुनिश्चित होगी जब आम नागरिक इसमें सक्रिय भागीदार बनेंगे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं समुदाय से मिलकर स्वच्छता गतिविधियों को निरंतर बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छ गांव केवल साफ-सफाई से नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक व्यवहार, बेहतर कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण से बनता है।
