60 दिवसीय मेगा अभियान के तहत इंसान और वन्यजीवों के बीच टकराव (एच.डब्ल्यू.सी.) के पीड़ितों के लिए न्याय तक पहुँच पर नालसा योजना-2025 पर जागरूकता कार्यक्रम।
रांची: महुआजारी पंचायत भवन एवं दर्जीजाड़ी गांव में ग्रमीणों को माननीय नालसा द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं में से एक प्रमुख योजना इंसान और वन्यजीवों के बीच टकराव (एच.डब्ल्यू.सी.) के पीड़ितों के लिए न्याय तक पहुँच पर नालसा योजना, 2025, पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर ग्रामीणों को जानकारी दी गयी।
ज्ञात हो कि माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय के न्यायामूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष, झालसा, श्री सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश तथा माननीय सदस्य सचिव, झालसा कुमारी रंजना अस्थाना एवं माननीय न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष डालसा, रांची, श्री अनिल कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में तथा डालसा सचिव के नेतृत्व में 60 दिवसीय मेगा जागरूकता अभियान (चरण-1) होना सुनिश्चित हुआ है, जो कि 60 दिनों तक चलेगा।
डालसा टीम में शामिल पीएलवी ने कहा कि भारत में जंगलों के सिकुड़ने और इंसानी बस्तियों के विस्तार के कारण मानव और वन्यजीवों के बीच टकराव तेजी से बढ़ा है. हाथियों, बाघों और तेंदुओं जैसे वन्यजीवों के हमलों में हर साल सैकड़ों लोग अपनी जान गंवाते हैं और फसलों को भारी नुकसान होता है. इस गंभीर समस्या से प्रभावित लोगों, विशेषकर आदिवासी और ग्रामीण समुदायों को त्वरित न्याय, कानूनी सहायता और मुआवजा दिलाने के लिए राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण ने मानव-वन्यजीव संघर्ष पीड़ितों के लिए न्याय तक पहुंच योजना-2025 की शुरुआत की है।
डालसा टीम के सदस्यों के द्वारा डोर-टू-डोर जागरूकता कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों से घर-घर जाकर पूछताछ की एवं उनके समस्याओं को सुना तथा उनकी समस्याओं को दूर करने की बातें कही। ग्रामीणों से प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धा पेंशन योजना, पी.एम. किसान योजना एवं अन्य योजनाओं से संबंधित आवेदन लिये गये। लगभग 450 लोग जागरूक हुए।
मौके पर डालसा के कार्यरत पीएलवी कालिन्दर गोप ने उपस्थित ग्रामीणों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची एवं आगामी 12 दिसम्बर को आयोजित होनेवाली राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी दी आगे उन्होंने बाल बिवाह तथा बाल श्रम पर भी फोकस किये।
इस अवसर पर डालसा टीम में पीएलवी कालिन्दर गोप, जलेश्वर महतो, राम कुमार उरांव, अजय कुमार गुप्ता एवं बांसजाड़ी गांव के ग्रामीण उपस्थित थे।
