रांची। झारखंड अल्पसंख्यक महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात कर विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में महासभा के अध्यक्ष रिजवान क्रांतिकारी, सचिव शमीम बड़ेहार, इकबाल हुसैन और औरंगजेब आलम शामिल थे।
ज्ञापन में राज्य में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) प्रक्रिया के दौरान अल्पसंख्यक मतदाताओं से जुड़ी समस्याओं पर राज्यपाल का ध्यान आकृष्ट कराया गया। महासभा ने मांग की कि फॉर्म में सुधार का प्रावधान होने के बावजूद दोबारा नोटिस देकर मतदाताओं को परेशान करने की प्रक्रिया की समीक्षा की जाए और सुधार कॉलम के माध्यम से ही त्रुटियों का समाधान कराया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने वर्ष 2021-22 से अल्पसंख्यक विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति राशि लंबित रहने का मुद्दा भी उठाया। महासभा ने छात्रवृत्ति योजना को नियमित रूप से संचालित करने की मांग की।
इसके अलावा लोक भवन के मुख्य द्वार पर पूर्व की तरह उर्दू में भी नाम अंकित कराने की मांग की गई। महासभा ने कहा कि उर्दू झारखंड की द्वितीय राजकीय भाषा है।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद अध्यक्ष रिजवान क्रांतिकारी ने कहा कि महासभा शीघ्र ही राज्य चुनाव आयुक्त से मिलकर SIR से संबंधित समस्याओं पर चर्चा करेगी। उन्होंने मदरसा बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग के गठन, रिक्त पदों पर नियुक्ति तथा उर्दू से जुड़ी अन्य मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करने की बात कही। मौके पर मौलाना मसुउद्दीन, हाफिज कफील, हाफिज राजा, अंसारुल हक, हाजी तनवीर, सनावुल अंसारी, वकील इस्लाम, अकील वशर, सैफ अहमद, अफजाल हुसैन सहित अन्य मौजूद थे।
