रांची । झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन गुरुवार को सदन में दिवंगत प्रमुख हस्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही सभा की कार्यवाही शुक्रवार को 11 बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन ने पिछले सत्र के बाद दिवंगत हुए पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों, विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों, शहीद जवानों और अलग-अलग हादसों में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने अपने प्रारंभिक भाषण में कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च जनमंच है। संविधान ने विधानमंडलों को तीन मूलभूत दायित्व सौंपे हैं, विधेयकों पर विचार कर कानून बनाना, राज्य की वित्तीय व्यवस्था एवं बजट की समीक्षा और अनुमोदन करना तथा कार्यपालिका को जनता के प्रति उत्तरदायी बनाए रखना। इन दायित्वों का प्रभावी निर्वहन ही लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की सफलता का आधार है। इन्हीं संवैधानिक दायित्वों को ध्यान में रखते हुए इस मानसून सत्र की कार्यसूची निर्धारित की गई है।
महतो ने कहा कि इस सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट सदन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही, पांच कार्य दिवस प्रश्नकाल के लिए निर्धारित किए गए हैं, जिससे माननीय सदस्यों को जनहित के प्रश्नों के माध्यम से सरकार को उत्तरदायी बनाने का पर्याप्त अवसर प्राप्त होगा। प्रश्नकाल संसदीय लोकतंत्र का एक प्रभावी माध्यम है, जो शासन में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और जनविश्वास को सुदृढ़ करता है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि 12 अगस्त को संसदीय परंपरा के अनुरूप गैर सरकारी सदस्य का कार्य निर्धारित है। यह सदस्यों को जनहित के विषयों पर अपने विचार, सुझाव और पहल सदन के समक्ष रखने का महत्त्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। मुझे विश्वास है कि इस अवसर का उपयोग सदन की गरिमा एवं संसदीय परंपराओं के अनुरूप किया जाएगा।
