नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को देश के नाम संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 22 सितंबर को सूर्योदय के साथ ही जीएसटी बचत उत्सव शुरू हो जाएगा। इसका फायदा सभी वर्गों को होगा। पीएम ने कहा- वही सामान खरीदें जिसे बनाने में देशवासियों का पसीना लगा हो। पीएम मोदी ने जीएसटी रिफॉर्म, आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी पर जोर दिया। उन्होंने राज्य सरकारों से अपील की कि स्वदेशी के अभियान के साथ उत्पादन को गति दें। निवेश के लिए माहौल बनाएं। केंद्र और राज्य मिलकर आगे बढ़ेंगे तभी सपना पूरा होगा। वन नेशन वन टैक्स पर कहा कि 2014 में जब देश ने मुझे पीएम बनाया। तब लाखों कंपनियों को अलग-अलग तरह के टैक्स के जाल से परेशानी होती थी। सामान को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचने के बीच जो खर्च बढ़ता था, वो गरीब उठाता था। देश को यहां से निकालना बहुत जरूरी था। जब आपने हमें 2014 में अवसर दिया तो हमने जीएसटी को प्राथमिकता बनाया। हमने स्टेकहोल्डर, राज्यों से बात की। हर समस्या का समाधान खोजा। वन नेशन वन टैक्स का सपना साकार हुआ। प्रधानमंत्री कहा कि पिछले 11 साल में देश में 25 करोड़ लोगों ने गरीबी को हराया है। गरीबी से बाहर आए ये लोग न्यू मिडिल क्लास के रूप में अपनी भूमिका अदा कर रहे हैं। इस साल सरकार ने 12 लाख रुपए की इनकम टैक्स फ्री करके उपहार दिया, तो सोचिए मिडिल क्लास के जीवन में कितना बदलाव आया है। अब गरीबों की भी बारी है। इन्हें डबल बोनांजा मिल रहा है। जीएसटी कम होने से उनके लिए घर बनाना, टीवी, फ्रिज, बाइक और स्कूटर में कम खर्च करना होगा। घूमना-फिरना भी सस्ता होगा। विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आत्मनिर्भर बनना होगा। भारत को आत्मनिर्भर बनाने का बहुत बड़ा दायित्व एमएसईमी पर भी है। जो देश के लोगों की जरूरत का है, जो देश में बना सकते हैं वो हमें देश में ही बनाना चाहिए। जीएसटी की दरें कम होने से नियम और प्रक्रिया आसान बनने से एमएसईमी को बहुत फायदा होगा। उनकी बिक्री बढ़ेगी और टैक्स भी कम देना होगा। उनको भी डबल फायदा होगा। एमएसईमी से मुझे बहुत अपेक्षाएं हैं, जब भारत तरक्की के शिखर पर था उसका आधार एमएसईमी ही थे। भारत में बने सामानों की क्वालिटी बेहतर होती थी। हमें उस गौरव को वापस पाना है। हमारे यहां बना सामान दुनिया में बेहतर हो।
