रांचीर: माननीय न्यायामूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष झालसा श्री सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा निर्देश पर, माननीय सदस्य सचिव झालसा कुमारी रंजना अस्थाना एवं माननीय न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष श्री अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में डालसा सचिव श्री राकेश रौशन की उपस्थिति में आज दिनंाक 23.06.2026 को कान्फ्रेंश हाॅल, 40 कोर्टस बिल्डिंग में स्थायी लोक अदालत के बारे में जागरूकता और पहुंच बढ़ानेवाली गतिविधियों को मजबूत करने के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डालसा सचिव श्री राकेश रौशन, चेयरमैन पीएलए रांची, श्री देवेन्द्र कुमार पाठक, सदस्य स्थायी लोक अदालत, सुश्री भावना एवं डाॅ. रंजनी कुमारी, डिप्टी एलएडीसी श्री राजेश कुमार सिन्हा, एलएडीसी सदस्य, पंकज कुमार, अनुप कुमार समेत अन्य लोग उपस्थित थे।
डालसा सचिव ने उपस्थिति सभी पीएलवी को स्थाई लोक अदालत के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्थायी लोक अदालत विवादों को न्यायालय में पहुंचने से पहले सुलझाने का एक मंच है। इसका मुख्य उद्देश्य जनता को बिजली, पानी और परिवहन जैसी सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से जुड़े विवादों का त्वरित आधार पर समाधान प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अदालत में जाने से पहले पब्लिक युटिलिटी सर्विसेज से संबंधित विवादों का निपटारे के लिए सीधा स्थायी लोक अदालत में आवेदन कर सकते है। यहां मामला दर्ज कराने के लिए कोई न्याय शुल्क नहीं देना पड़ता है एवं सादा पेपर पर आवेदन दिया जाता है।
पीएलए चेयरमैन श्री देवेन्द्र कुमार पाठक ने कहा कि स्थाई लोक अदालत का निर्णय अंतिम और सभी पक्षों पर बाध्यकारी होता है। इसके खिलाफ किसी नियमित अदालत में अपील नहीं की जा सकती है। स्थाई लोक अदालत के अंतर्गत उन मामलों की सुनवाई की जा सकती है जहां विवादित धनराशि एक करोड़ रुपये तक होती है।
यह भी ज्ञात हो कि जागरूकता के माध्यम से डालसा सचिव श्री राकेश रौशन ने उपस्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के सभी पीएलवी को सेंसीटाईज किये और अपने क्षेत्र में जागरूकता के माध्यम से लोगों को स्थायी लोक अदालत के बारे में बताने तथा संबंधित क्षेत्रों में पोस्टर लगाने और पम्पलेट बांटने का निर्देश दिये। आगे उन्होंने कहा कि जागरूकता के माध्यम से लोग जागरूक होंगे ताभी वे स्थायी लोक अदालत के बारे में जान पायेंगे और अपने वादों को प्रस्तुत कर पायेंगे।
डिप्टी एलएडीसी श्री राजेश कुमार सिन्हा ने स्थायी लोक अदालत के मुख्य उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उपयोग की सेवाओं से जुड़े विवादों का पूर्व-मुकदमेबाजी से पहले निपटारा करना एवं अदालतों में लंबित मामलों के बोझ को कम करना भी है।
