डालसा सचिव ने बुण्डू अंचल में एक दिवसीय विधिक जागरूकता-सह-रक्तदान शिविर में उपस्थित होकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उनके आवेदनों को अग्रतर कार्रवाई हेतु विभाग को निर्देशित किया।
रांची: माननीय न्यायमूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष, झालसा श्री सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश पर एवं माननीय सदस्य सचिव झालसा, कुमारी रंजना अस्थाना एवं माननीय न्यायायुक्त, रांची श्री अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची एवं अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय विधिक जागरूकता-सह-रक्तदान शिविर का आयोजन बुण्डू ब्लाॅक में किया गया। इस अवसर पर डालसा सचिव श्री राकेश रौषन, डिप्टी एलएडीसी श्री राजेश कुमार सिन्हा, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के अध्यक्ष नितेष कुमार, राज प्रभारी, राजेष कुमार तथा ब्लाॅक के सीओ एवं अन्य कर्मचारीगण तथा पीएलवी उपस्थित थे।
विधिक जागरूकता शिविर में लगभग 50 ग्रामीणों की समस्याओं को आॅन-स्पाॅट सुना गया तथा लिखित आवेदन को पढ़ा तथा आवेदन जमीन संबंधित अबुआ आवास संबंधित, वृद्धा पेंषन संबंधित, तथा कोर्ट के केस से संबंधित आवेदनों को अग्रतर कार्रवाई हेतु अंचलाधिकारी को निर्देषित किया। इसके अलावा विधिक जागरूकता शिविर के तहत ग्रामीणों को पेसा-2025, पाॅक्सो एक्ट, मोटर वाहन दुर्घटना अधिनियम एवं माननीय नालसा द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं पर कानुनी जानकारी प्रदान की गयी। डालसा सचिव ने कहा कि रक्तदान एक जीवन रक्षक और परोपकारी कार्य है, जिसे समाज में ‘महादान’ का दर्जा दिया गया है। किसी दुर्घटना, गंभीर बीमारी या सर्जरी के दौरान जब मरीज के शरीर में खून की अत्यधिक कमी हो जाती है, तब एक स्वैच्छिक रक्तदाता द्वारा दिया गया खून उसकी जान बचा सकता है। मानव रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है, इसलिए अस्पतालों में रक्त की आपूर्ति पूरी तरह से मानवीय दान पर ही निर्भर करती है। अंत में रक्तदान षिविर के आयोजन स्थल पर डालसा सचिव ने पहुंचकर रक्तदान करने आये व्यक्तियों के बीच खाद्य पदार्थ के पैकेटों का वितरण किया गया और उपस्थित लोगों को यह संदेष दिया कि अपना रक्तदान समाज सेवा हेतु अवष्य करें।
