Ranchi: राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) प्रदेश उपाध्यक्ष अमन अहमद ने कहा कि रांची विश्वविद्यालय की कुलपति महोदया द्वारा जारी हालिया नोटिस पर गहरी चिंता और कड़ा विरोध व्यक्त किया ।
छात्रों से दूरी बनाने की मंशा दर्शाने वाला यह कदम न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक परंपराओं के भी विपरीत है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद और सहभागिता सर्वोपरि होते हैं। विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थान में, जहां छात्रों और प्रशासन के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है, इस प्रकार का नोटिस छात्रों के हितों की अनदेखी करता प्रतीत होता है। यह निर्णय छात्रों के बीच असंतोष और अविश्वास की भावना को जन्म दे सकता है।
देश के उच्च संवैधानिक पदों—जैसे मुख्यमंत्री, राज्यपाल या प्रधानमंत्री—के स्तर पर भी इस प्रकार की दूरी बनाने वाली व्यवस्था सामान्यतः नहीं देखी जाती। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन का यह रुख समझ से परे है।
अतीत में भी इस तरह के निर्णयों का छात्रों द्वारा व्यापक विरोध हुआ है और प्रशासन को अपने फैसले वापस लेने पड़े हैं। यदि इस नोटिस को शीघ्र वापस नहीं लिया गया, तो झारखंड NSUI छात्रों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी । विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग करते है कि वे इस निर्णय पर पुनर्विचार करें और छात्रों के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित करें, जिससे शैक्षणिक वातावरण स्वस्थ और समावेशी बना रहे ।।
