रांची: मस्जिद जाफ़रिया में लगातार 27 सालों से रमज़ान के पवित्र महीने के मौके पर खास रोज़ेदारों के लिए दावत इफ़्तार का आयोजन अंजुमन जाफ़रिया और मुसलियान मस्जिद जाफ़रिया की तरफ़ से किया जाता है। जिसमें बिना किसी भेदभाव के सभी धर्मों के लोग एक साथ इफ़्तार और नमाज़ पढ़ते हैं। इस मस्जिद की बुनियाद हज़रत मौलाना हाजी सैयद तहज़ीबुल हसन रिज़वी ने 1999 में रखी थी। तब से हज़रत मौलाना हाजी सैयद तहज़ीबुल हसन रिज़वी इस मस्जिद में नमाज़ जमात और खुतबा जुमा पढ़ाते आ रहे हैं। और उनकी आवाज़ पर हर मौके पर मोमिनीन और मुसलमीन साथ रहते हैं। जाफ़रिया मस्जिद में इफ़्तार का नज़ारा देखने लायक होता है। अमीर-गरीब, छोटे-बड़े, सब एक साथ बैठते हैं। देश और राज्य की एकता और उसकी हिफ़ाज़त के लिए दुआ करते हैं। हज़रत मौलाना हज सैयद तहज़ीबुल हसन रिज़वी ने आगे कहा कि रोज़ेदारों के लिए इफ़्तार का इंतज़ाम करना एक अच्छा काम है। इस काम से अल्लाह खुश होता है। और रूह साफ़ होती है। यह सामूहिक इफ़्तार बराबरी को मज़बूत करता है। जाफ़रिया मस्जिद एक ऐसी मस्जिद है जिसकी बुनियाद सभी मसलक के उलेमा ने रखी थी। और यह एकता का सेंटर बनी हुई है। इस मस्जिद में हर दिन किसी न किसी के तरफ से दावत इफ्तार होता है।
