रांची। देश की आज़ादी के महानायक, आज़ाद हिंद फौज के संस्थापक एवं अद्वितीय राष्ट्रनायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर अबुआ अधिकार मंच द्वारा अपर बाजार स्थित सुभाष चौक पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर अबुआ अधिकार मंच के कोऑर्डिनेटर ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स अभिषेक शुक्ला ने नेताजी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन देश की स्वतंत्रता, सामाजिक न्याय और आत्मसम्मान की प्रेरणादायी गाथा है। उन्होंने युवाओं को संगठित कर अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध निर्णायक संघर्ष की राह दिखाई। उनका संकल्प, साहस और त्याग आज भी प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रहित में खड़े होने की प्रेरणा देता है।
अभिषेक शुक्ला ने कहा कि नेताजी का सपना केवल राजनीतिक आज़ादी तक सीमित नहीं था, बल्कि वे सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक समानता पर आधारित भारत का निर्माण चाहते थे। आज जब छात्र-छात्राओं को शिक्षा व्यवस्था में विलंब, बेरोज़गारी और अधिकारों के हनन जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, तब नेताजी के विचार और संघर्षशील दृष्टिकोण पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।
विशाल कुमार यादव ने कहा कि अबुआ अधिकार मंच नेताजी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए छात्र-छात्राओं के अधिकार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समयबद्ध शैक्षणिक सत्र एवं सामाजिक न्याय के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा और युवाओं को संगठित कर एक सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मंच के सदस्यों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से: विशाल कुमार यादव,आदित्य, पृथ्वी राज, सूर्य प्रकाश, अमन, अमित के अलावा कई अन्य सदस्य मजूद थे
