रांची। घाटशिला उपचुनाव में झामुमो ने बंपर जीत दर्ज की है. झामुमो उम्मीदवार सोमेश चन्द्र सोरेन ने भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन को भारी शिकस्त दी. उन्होंने कुल 104794 वोट हासिल कर निकटतम प्रतिद्वंदी भारतीय जनता पार्टी के बाबूलाल सोरेन को 38524 वोटों के बड़े अंतर से मात दी. बाबूलाल सोरेन को 66,270 मत मिले जेएलकेएम के रामदास मुर्मू 11542 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. मतगणना में कुल 20 राउंड की काउंटिंग हुई. इस चुनाव में 2765 वोटरों ने नोटा का बटन दबाया. 18वें राउंड की गिनती के बाद जेएमएम के सोमेश सोरेन 34648 वोटों से आगे चल रहे थे. उन्हें 94351 वोट मिले थे. वहीं भाजपा के बाबूलाल सोरेन सिर्फ 59703 वोट ही ला सके थे. जबकि जेएलकेएम के प्रत्याशी ने 11330 वोट लाकर तीसरे स्थान पर थे. लगातार पिछड़ने के बाद भाजपा उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन ने काउंटिंग के बीच ही कैंप छोड़ दिया था. इसके बाद धीरे धीरे सभी कार्यकर्ता निकल गये. 10वें राउंड के बाद से झामुमो कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाना शुरू कर दिया था. घाटशिला विधानसभा चुनाव में ये झामुमो की अब तक की सबसे बड़ी जीत है. भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन अपना अपना पिछला प्रदर्शन ही दोहरा नहीं सके. साल 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्हें 75,910 वोट मिले थे तो वहीं, पूर्व मंत्री दिवंगत रामदास सोरेन को 98,356 वोट मिले थे. हालांकि तीसरे स्थान पर रहने जेएलकेएम उम्मीदवार रामदास मुर्मू ने अपने पिछले प्रदर्शन से बेहतर परफॉर्म किया है. साल 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्हें 8,092 वोट मिला था. घाटशिला उपचुनाव के लिए दोनों ही प्रमुख दलों के नेताओं ने पूरा जोर लगा दिया था. भाजपा की तरफ से चार-चार पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा और चंपाई सोरेन मैदान में जुटे थे. इसके अलावा भी ओडिशा और बंगाल के कई बड़े नेताओं ने आकर चुनावी जनसभा को संबोधित किया था. वहीं, झामुमो की तरफ से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन के साथ साथ कई मंत्रियों और विधायकों ने मोर्चा संभाल लिया था. गौरतलब है कि घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में कुल 74.63 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में मतदान किया.
