पटना। पटना: बिहार बीजेपी ने 71 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। इनमें 9 महिला उम्मीदवारों पर भी बीजेपी ने भरोसा जताय है। पार्टी ने अनुभवी और बड़े चेहरों पर विश्वास जताते हुए उन्हें चुनावी रण में उतारा है। सूची के विश्लेषण से एक बात स्पष्ट होती है कि पार्टी ने उम्र के प्रतिबंध को नजरअंदाज कर दिया है। ऐसी चर्चा थी कि 70 वर्ष से अधिक आयु के नेताओं के टिकट काटे जा सकते हैं, लेकिन यह फॉर्मूला सूची में लागू होता नहीं दिखा। पहली सूची में दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा नाम शामिल है। इसके अलावा कई मंत्रियों के नाम भी शामिल हैं। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को तारापुर, डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को लखीसराय, मंत्री मंगल पाण्डेय को सीवान, मंत्री नीतीश मिश्रा को झंझारपुर सीट से चुनावी मैदान में उतरेंगे। बेतिया से रेणु देवी को टिकट दिया गया है। परिहार से गायत्री देवी, नरपतगंज से देवंती यादव को टिकट दिया गया है। जबकि, किशनगंज से स्वीटी सिंह पर पार्टी ने भरोसा जताया है। इसके साथ ही प्राणपुर से निशा सिंह, कोढ़ा से कविता देवी, औराई से रमा निषाद, वारसलीगंज से अरुणा देवी और जमुई से श्रेयसी सिंह को टिकट दिया गया है। विधानसभा सभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव का पटना साहिब से टिकट काट दिया गया। पहली सूची में कुल में नौ विधायकों के टिकट काटे गए हैं। वहीं, कई बड़े नामों को मैदान में उतारा गया है, जिनमें दानापुर से रामकृपाल यादव और सिवान से मंत्री मंगल पाण्डेय को टिकट दिया गया है। गया विधासनसभा से टिकट एक बार फिर मंत्री रहे प्रेम कुमार को मिल गई है। 1995 से लगातार जीत दर्ज कर गत मंत्रिमंडल के सदस्य भी रहे। वे इस बार भी टिकट पाने की जंग जीत गए। हालांकि कुछ दिन पहले प्रेम कुमार ने गया विधानसभा को लोजपा के खाते में चले जाने की खबर पर काफी नाराज भी हुए। बड़हरा विधानसभा से यह माना जा रहा था कि राघवेंद्र प्रताप सिंह के बढ़ती उम्र को देखते टिकट नहीं दी जाएगी । पर वे इस बार टिकट लेने में सफल हो गए। हालांकि उनकी बगल की आरा विधानसभा सीट के विधायक और मंत्री रहे अमरेंद्र प्रताप सिंह को निराशा हाथ लगी।
