रांची। सोमवार को फ्रेंड्स ऑफ़ विकर सोसाइटी, राँची द्वारा तीन मैट्रिक एग्जाम में बेहतर रिजल्ट लाने वाले होनहार छात्राओं की हौसला अफ़ज़ाई करते हुऐ स्कालरशिप के माध्यम से उनका दाखला उर्सेलाइन इंटर कॉलेज में करवाया गाया। आज़ाद बस्ती कुरैशी मोहल्लाह निवासी आयशा परवीन जिसके पिता दूसरे के दुकान में चिकेन काम करते हैं, मेहनत मज़दूरी कर अपनी बच्ची को पढ़ाने में कोई क़सर नहीं छोड़ा और मेट्रिक के एग्जाम में उनकी बच्ची में 94.6% अंक लाकर पुरे परिवार सहित पुरे समाज का नाम रौशन किया। फ्रेंड्स ऑफ़ विकर सोसाइटी ने उन्हें 12450 रूपये का स्कालरशिप देकर उनका दाखला उर्सेलाइन इंटर कॉलेज के कॉमर्स में एडमिशन करवाया पथलकूदवा निवासी सुमईया आफरीन एक बिजली मिस्त्री की बच्ची ने भी अपने बोर्ड एग्जाम में सिमित संसाधनों से पढ़ाई कर 92.8% मार्क्स लाकर परिवार और समाज का नाम रौशन किया। आज फ्रेंड्स ऑफ़ विकर सोसाइटी ने उन्हें 12350 रूपये का स्कालरशिप देकर सम्मानित करते हुऐ उर्सेलाइन इंटर कॉलेज, साइंस में एडमिशन करवाया। तीसरी छात्रा माली टोला हिन्दीपीढ़ी निवासी अतिक़ा फ़िरदौस जिसके पिता ठेले पर सब्जी बेचा करते हैं उन्होंने ने अपनी बेटी को तालीम दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी और कम संसाधनों में भी बच्ची ने पढ़ाई कर 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में 78% अंक प्राप्त कर अपने पिता के मेहनत को शाहकार किया। फ्रेंड्स ऑफ़ विकर सोसाइटी ने इनकी हौसला अफ़ज़ाई करते हुऐ, 12150 रूपये का स्कालरशिप देकर उर्सेलाइन इंटर कॉलेज, आर्ट्स में दाखला करवाया। बच्ची ने कह वह आईएएस बनना चाहती है इसलिए आर्ट्स पढ़ रही हूँ।
कुटे ओरमांझी निवासी शहाना खातून, आदर्श उच्च विद्यालय, ओरमांझी, कक्षा 10 की छात्रा जिसके पिता बीमारी के कारण कोई काम नहीं करते है, माँ घरों में काम कर घर चलाती है। इस बच्ची का स्कूल में 15000 रूपये बकाया होने के कारण क्लास नहीं करने दिया जा रहा था। फ्रेंड्स ऑफ़ विकर सोसाइटी ने स्कूल के निदेशक से बात कर बकाया की रकम को आधा माफ़ करने की आग्रह की और स्कूल के राजी होने पर सोसाइटी ने इस बच्ची को 7500 रूपये का स्कालरशिप देकर उसके पढ़ाई के सफऱ को जारी रखने में मदद की।
