Ranchi: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग में शिक्षक दिवस के साथ-साथ विदाई एवं स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें नए प्रवेशार्थियों और स्नातकों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उर्दू विभाग के अध्यक्ष डॉ. मुहम्मद अयूब ने की। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत पवित्र कुरान की तिलावत से हुई, जिसके बाद छात्रों ने स्तुति, नात और भाषणों के माध्यम से अपनी कला का परिचय दिया और कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। अपने अध्यक्षीय भाषण में उन्होंने कहा कि यहाँ के छात्रों में पढ़ाई के प्रति एक अनोखा जुनून है और इस विश्वविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता सर्वोत्तम है, यही कारण है कि छात्र यहाँ उत्साहपूर्वक प्रवेश लेते हैं। इस अवसर पर उन्होंने आगे कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय एकमात्र ऐसा विश्वविद्यालय है जहाँ उर्दू पढ़ने वाले छात्रों की संख्या बड़ी है। वर्तमान में 500 से अधिक छात्र अध्ययन कर रहे हैं, जो हम शिक्षकों के लिए गर्व की बात है। इस अवसर पर डॉ. नाज़ आफ़रीन ने कहा कि छात्र शिक्षा के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दें और अपने माता-पिता के साथ-साथ क्षेत्र का नाम भी रोशन करें, हम आपके भविष्य की तैयारी में हर मोड़ पर आपके साथ खड़े हैं। धैर्य और साहस के साथ, कोई भी मुकाम तय किया जा सकता है। अपने समापन भाषण में, विभाग के शिक्षक डॉ. तनवीर मज़हर ने भी कहा कि हर साल बड़ी संख्या में स्नातक और नए प्रवेश होते हैं, लेकिन यह अब तक का सबसे अच्छा बैच रहा है।
विश्वविद्यालय केवल पाठ्यक्रम ही नहीं पढ़ाता है, बल्कि जीवन में सफलता के सिद्धांत और कुंजी भी देता है, यही कारण है कि अब तक कई छात्रों ने नेट, जेआरएफ और जेपीएससी में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है और ईश्वर की इच्छा से यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
इस अवसर पर एमए में शीर्ष 3 छात्रों को पुरस्कार वितरित किए गए, जिसमें प्रथम पुरस्कार मुहम्मद साजिद, द्वितीय पुरस्कार नकीबा परवीन और तृतीय पुरस्कार रौनक परवीन ने जीता। इसी प्रकार, बीए उर्दू में प्रथम पुरस्कार बेबी परवीन, द्वितीय पुरस्कार माहा जबीन परवीन और तृतीय पुरस्कार सना आफरीन ने जीता।
स्टूडेंट ऑफ द ईयर का पुरस्कार एमए के छात्र मुहम्मद साजिद और बीए के छात्र प्रतीक कुमार को दिया गया। इसके साथ ही अफसाना परवीन, साहिल इमाम, अफरोज अनबर, साजिदा परवीन, मुकर्रम हयात, सरवरी परवीन, रुखसाना परवीन, मुहम्मद हुजैफा आदि को भी पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का संचालन एमए के छात्र मुहम्मद अफजल ने शानदार ढंग से किया।
इस अवसर पर उर्दू विभाग के सैकड़ों छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।
